Manoj Muntashir Dig On Naseeruddin Shah: मनोज मुंतशिर ने नसीरुद्दीन शाह के यूनिवर्सिटी वाले बयान पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि नसीर साहब आप सही कह रहे हैं ये पहले वाला भारत नहीं है। ये नया भारत है।
Manoj Muntashir Dig On Naseeruddin Shah: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और फेमस गीतकार मनोज मुंतशिर के बीच एक बार फिर वैचारिक जंग छिड़ गई है। हाल ही में नसीरुद्दीन शाह ने मुंबई यूनिवर्सिटी में अपना निमंत्रण रद्द किए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी और देश के हालातों पर सवाल उठाए थे। अब मनोज मुंतशिर ने उनके दावों पर तंज कसते हुए बेबाक बयान दे डाला है। उन्होंने कहा कि नसीर साहब आप जिस पुराने भारत की बात कर रहे हैं, वह 'तुष्टिकरण' का दौर था।
हाल ही में 75 साल के नसीरुद्दीन शाह ने एक अखबार में लिखे अपने लेख में दावा किया था कि मुंबई यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग ने उन्हें 1 फरवरी को 'जश्न-ए-उर्दू' कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत के लिए बुलाया था। लेकिन आखिरी मौके पर बिना कोई कारण बताए या माफी मांगे उनका निमंत्रण वापस ले लिया गया। नसीरुद्दीन शाह ने इसे अपनी बेइज्जती बताते हुए लिखा, "यह वह देश नहीं है जिसमें मैं पला-बढ़ा हूं और जिसे प्यार करना मुझे सिखाया गया था। यहां अब दो मिनट की नफरत 24 घंटे की नफरत में बदल चुकी है।"
नसीरुद्दीन शाह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज मुंतशिर ने 'IANS' को दिए इंटरव्यू में उनकी एक्टिंग की तो तारीफ की, लेकिन उनके विचारों पर कड़ा तंज कस दिया। मनोज ने कहा, "नसीरुद्दीन शाह एक महान कलाकार हैं और हम सभी उनका बहुत सम्मान करते हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी के अपने नियम और मैनेजमेंट (Management) होती है, उसमें सरकार का दखल नहीं होता।"
नसीरुद्दीन शाह के "यह मेरा पुराना भारत नहीं" वाले कमेंट पर मनोज मुंतशिर ने कहा, "शायद वह सही कह रहे हों। जिस देश में वह और मैं पले-बढ़े हैं वह देश तुष्टीकरण (Appeasement) का देश था। लेकिन यह आज का भारत है, यह 'नया भारत' है। यह पहले से बेहतर और अच्छा भारत है। निजी तौर पर मुझे यह नया भारत ज्यादा पसंद है।"
नसीरुद्दीन शाह ने अपने लेख में यह भी चिंता जताई थी कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी कम हो रही है और नफरत का माहौल बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, यूनिवर्सिटी का व्यवहार निराशाजनक था। हालांकि, मुंबई यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी तक इस निमंत्रण विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
वहीं, मनोज मुंतशिर के इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोग मनोज की बातों को 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि नसीरुद्दीन शाह जैसे बड़े कलाकार के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। यह पहली बार नहीं है जब मनोज और नसीरुद्दीन शाह अलग-अलग ध्रुवों पर खड़े नजर आए हों, लेकिन 'नए बनाम पुराने भारत' की इस बहस ने मनोरंजन जगत को दो हिस्सों में बांट दिया है।