
Zarine Khan Last Rites: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय खान की पत्नी, एक्ट्रेस और फैशन डिजाइनर जरीन खान का 7 नवंबर को निधन हो गया था। उन्होंने 81 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्हें हार्ट अटैक आया था और जिसके बाद उन्होंने मुंबई के हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। बीते दिन उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें ऋतिक रोशन, जैकी श्रॉफ और बॉबी देओल सहित कई सितारे शामिल हुए, लेकिन अंतिम संस्कार का वीडियो सामने आने के बाद फैंस के मन में एक सवाल खड़ा हो गया कि आखिर क्यों जरीन खान जो एक मुस्लिम परिवार की बहू थीं उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया गया?
जरीन खान, जिनका सरनेम कतरक था वह एक पारसी थीं, जबकि उनके पति संजय खान मुस्लिम हैं। पारसी परंपरा के अनुसार, अंतिम संस्कार 'दोखमेनाशिनी' (टावर ऑफ साइलेंस पर शरीर को गिद्धों द्वारा खाने के लिए रखना) से होता है। हालांकि, यह प्रथा अब लगभग बंद हो चुकी है, जिसके कारण लोग दफनाने या अंतिम संस्कार का ऑप्शन चुनते हैं। वहीं, मरने से पहले जरीन खान ने खुद हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की इच्छा जाहिर की थी।
जरीन खान ने शादी के बाद भी इस्लाम धर्म नहीं अपनाया था और उनका अपने पैतृक धर्म (पारसी) पर पूरा विश्वास था। इसके चलते, जरीन खान की फैमिली और उनके बेटे जायद खान ने अपनी मां की आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए, उनका अंतिम संस्कार रीति-रिवाज से किया। अंतिम संस्कार के दौरान जायद खान काफी भावुक नजर आए। वीडियो में उन्हें अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करते हुए और अपनी बहनों के साथ रोते हुए देखा जा सकता है। फैंस और शुभचिंतकों ने इस मुश्किल घड़ी में परिवार को हिम्मत दी है।