Govind Namdev on Bollywood Food Hierarchy: पिछले 3 दशकों से इंडस्ट्री में एक्टिव एक्टर गोविंद नामदेव ने एक बॉलीवुड में होने वाले खानपान के भेदभाव पर बात की साथ ही ये भी बताया कि उनके 'ओएमजी' के को-एक्टर अक्षय कुमार किस तरह से बाकी स्टार्स से एक दम अलग हैं।
Govind Namdev on Bollywood Food Hierarchy: नेपोटिज्म और भेदभाव ये दो चीजें बॉलीवुड में एक स्टार के हुनर से ऊपर हैं। इसके चलते, कई बार अच्छे कलाकारों को अपमान का सामना करना पड़ता है। किसी को इस बात से फर्क नहीं पड़ता है कि वो कलाकार अभिनय के मामले में कितना ऊपर है फर्क पड़ता है तो इस बात से कि वो स्टार है या नहीं, उसके आगे-पीछे कितने बॉडीगार्ड हैंं उनकी फीस क्या है? ये सब चीजें बॉलीवुड में एक स्टार का बखान करती हैं। यहां तक कि खाना परोसने के तरीके से लेकर खाने की चीजों तक में भेदभाव होता है, जिसका खुलासा दिग्गज कलाकार गोविंद नामदेव ने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में किया है।
अधिकतर विलेन के किरदार में नजर आने वाले एक्टर गोविंद नामदेव तीन दशकों से फिल्मी पर्दे पर फैंस को अपने जबरदस्त अभिनय से डरा रहे हैं। उनके लिए ये कहना गलत नहीं होगा कि वो उसमें खुद को इतना ढाल लेते हैं कि देखने वालों की रूह कांप जाती हैं। इस इंटरव्यू में गोविंद नामदेव ने बॉलीवुड में होने वाले खानपान के भेदभाव पर बात की साथ ही ये भी बताया कि उनके 'ओएमजी' के को-एक्टर अक्षय कुमार किस तरह से बाकी स्टार्स से एक दम अलग हैं।
इंटरव्यू में उन्होंने इस पर बात करते हुए कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री में बड़े और छोटे स्टार्स का एक खास सिस्टम है, जिसमें स्टार्स एक-दूसरे को उनकी फीस और इंडस्ट्री में लोग उनसे कैसा व्यवहार करते हैं उस पर निर्भर करता है। अगर किसी को ज्यादा फीस मिलती है, तो उसे एक बड़ी वैन मिलती है, इसी तरह से फिल्म सेट पर खान-पान का भी एक खास नियम होता है। स्टार्स का खाना अलग होता है और बाकी लोग अलग-अलग चीजें खाते हैं।'
हालांकि, अक्षय कुमार की बात की जाए जो मेरे फिल्म 'ओह माय गॉड!' में को-एक्टर थे। वो बाकी लोगों से काफी अलग हैं। इस बारे में उन्होंने कहा, 'अक्षय़ ने फिल्म के निर्देशक उमेश शुक्ला से ये समझौता किया था कि फिल्म में सभी को एक ही तरह का खाना खिलाया जाएगा। अगर कोई प्याज या लहसुन नहीं खाता है, तो ये अलग बात है, वरना सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उस समय 'ओह माय गॉड!' की शूटिंग लोकेशन का माहौल बिल्कुल अलग था।'
इसके अलावा जब उनसे पूछा गया कि क्या सीनियर एक्टर होने के नाते स्टार्स उनसे सलाह लेते हैं? गोविंद नामदेव ने इस प्रश्न का जवाब बड़ी ही बेबाकी से देते हुए कहा कि, 'बॉलीवुड में इस तरह की धारणा की कोई जगह ही नहीं है। तीन दशकों से ज्यादा समय का अनुभव होने के बावजूद भी स्टार्स अपने को-एक्टर के साथ सलाह मशवरा नहीं करते हैं। नही, इंडस्ट्री में इस तरह से काम नहीं होता है। स्टार्स का मानना है कि अगर वो किसी दूसरे एक्टर से सलाह लेंगे, तो वो उन्हें कहीं न कहीं अपने से कम आंकेगा। किसी भी तरह की सलाह लेने से पहले उनके मन में पहला सवाल यही आता है।'
उन्होंने आगे कहा, “स्टार्स को लगता है कि अगर वो दूसरे कलाकारों से कुछ पूछेंगे तो उन्हें लगेगा कि इन्हें कुछ आता नहीं है। इसलिए वो अपने को-एक्टर से किसी भी तरह की सलाह लेने से बचते हैं। और सलाह लेते भी हैं तो लेवल देखते हैं कि उनका और दूसरे स्टार का लेवल बराबर है या नहीं। उन्हें मुझसे पूछने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती। मैं ज्यादातर खलनायक की भूमिका निभाता हूं, उन्हें लगता है कि मैं एक छोटा अभिनेता हूं।”
गोविंद नामदेव एक दिग्गज अभिनेता हैं जिन्होंने 90 के दशक में अपनी फिल्मों से तहलका मचाया था। इन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दी हैं, जिनमें 'प्रेमग्रंथ', 'विरासत', 'लज्जा', 'गॉडमदर', 'सरफरोश' और 'बैंडिट क्वीन' सहित कई सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।
वैसे, फिल्म इंडस्ट्री में खाने से लेकर सलाह लेने तक में इस तरह के भेदभाव का सामना ज्यादातर कलाकारों को करना पड़ता है और ये कोई नई बात नहीं है।