
Govind Namdev On Shahrukh Khan (सोर्स- एक्स)
Govind Namdev On Shahrukh Khan: बॉलीवुड के ‘किंग खान’ कहे जाने वाले शाहरुख खान आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। देश ही नहीं, दुनियाभर में उनकी लोकप्रियता का डंका बजता है। रोमांस से लेकर एक्शन और इमोशनल किरदारों तक, उन्होंने हर शैली में खुद को साबित किया है। लेकिन उनकी सफलता के पीछे सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और अनुशासन भी है। हाल ही में वरिष्ठ अभिनेता गोविंद नामदेव ने शाहरुख की कार्यशैली को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं।
'लल्लनटॉप' के साथ एक इंटरव्यू में गोविंद नामदेव ने बताया कि उन्होंने शाहरुख के साथ साल 2000 में आई फिल्म 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' में काम किया था। उस दौरान उन्होंने करीब से देखा कि शाहरुख अपने काम को लेकर कितने समर्पित हैं। नामदेव ने कहा, 'क्या आदमी है वो...शाहरुख दिन-रात काम करने के लिए तैयार रहते हैं। वो मुश्किल से तीन-चार घंटे की नींद लेते हैं और बाकी समय शूटिंग, रिहर्सल, डायलॉग की तैयारी या दूसरे प्रोफेशनल कमिटमेंट्स में बिताते हैं।'
उन्होंने ये भी कहा कि शाहरुख अपनी चोट या फिर शारीरिक परेशानियों के बावजूद कभी शिकायत नहीं करते। पीठ से जुड़ी समस्याओं के बारे में इंडस्ट्री में पहले भी चर्चा होती रही है, लेकिन इसके बावजूद उनका काम करने का जज्बा कम नहीं होता।
गोविंद नामदेव ने बताया कि सेट पर शाहरुख हमेशा समय के पाबंद और ऊर्जा से भरपूर रहते हैं। चाहे रात भर की शूटिंग हो या लगातार प्रमोशनल इवेंट्स, वो हर जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हैं। यही वजह है कि तीन दशक से ज्यादा समय तक इंडस्ट्री में बने रहना उनके लिए संभव हो पाया है।
शाहरुख की यह आदत सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। अवॉर्ड शो, लाइव परफॉर्मेंस, ब्रांड शूट और इंटरनेशनल इवेंट्स—हर जगह वह पूरी तैयारी के साथ पहुंचते हैं। उनके करीबी बताते हैं कि वह अपने किरदार को लेकर बेहद सजग रहते हैं और छोटी-छोटी बारीकियों पर भी ध्यान देते हैं।
इससे पहले भी शाहरुख खान कई मौकों पर कह चुके हैं कि उन्हें खाली बैठना पसंद नहीं। उनका मानना है कि काम ही उन्हें मानसिक रूप से सक्रिय और खुश रखता है। उन्होंने एक बातचीत में कहा था कि जब वह काम से दूर होते हैं तो बेचैनी महसूस करते हैं। इसलिए वह लगातार खुद को नए-नए रोल्स के जरिए चुनौती देते रहते हैं।
शाहरुख का ये नजरिया बताता है कि सफलता हासिल करने के बाद भी उन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा। वह आज भी खुद को बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं। शायद यही कारण है कि दर्शकों के बीच उनका क्रेज समय के साथ कम होने के बजाय और बढ़ता गया है।
आज जब शाहरुख खान को ग्लोबल आइकन के तौर पर देखा जाता है, तो उसके पीछे सालों की मेहनत, अनुशासन और जुनून छिपा है। गोविंद नामदेव की बातों से यह साफ होता है कि ‘किंग खान’ का ताज यूं ही नहीं मिला। वो लगातार काम करने और खुद को साबित करने की ललक रखते हैं।
फिल्म इंडस्ट्री में जहां कई कलाकार आराम और ब्रेक को प्राथमिकता देते हैं, वहीं शाहरुख खान का मानना है कि रुकना नहीं, बल्कि आगे बढ़ते रहना ही असली सफलता है। शायद इसी सोच ने उन्हें बॉलीवुड का बादशाह बनाया है।
Updated on:
24 Feb 2026 05:00 pm
Published on:
24 Feb 2026 04:58 pm
