Kabir Bedi On Parveen Babi Death: इंडस्ट्री की वो खूबसूरत एक्ट्रेस, जिसका अंत उतना ही दर्दनाक था। परवीन बॉबी का नाम कई लोगों के साथ जुड़ा, जिसमें से एक है कबीर बेदी। कहा जाता है कि दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे, लेकिन फिर अलग हो गए। परवीन बॉबी की मौत के बाद कबीर बेदी ने अपनी किताब में वो खुलासे किए जो अखबारों और न्यूज चैनलों पर आए ही नहीं। आइये जानते हैं इनके बारे में...
Kabir Bedi On Parveen Babi Death: बॉलीवुडकी फेमस एक्ट्रेस परवीन बाबी का नाम एक ऐसी अदाकारा के तौर पर लिया जाता है, जिन्होंने पर्दे पर आधुनिकता और ग्लैमर की नई परिभाषा गढ़ी थी। लेकिन कभी-कभी इस चकाचौंध से भरी दुनिया के पीछे कुछ ऐसी खौफनाक तन्हाई और दर्द छिपा होता है जो इसमें कहीं खो जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ था परवीन बॉबी के साथ। उनकी मौत बेहद दर्दनाक थी। जिसका खुलासा दशकों बाद उनके एक्स बॉयफ्रेंड और मशहूर अभिनेता कबीर बेदी ने किया है। उन्होंने अपनी आत्मकथा 'Stories I Must Tell' परवीन बॉबी के बारे में कुछ ऐसा बताया है जिसे सुनकर उनके फैंस की भी आखों में पानी आ सकता है।
22 जनवरी 2005 को जब मुंबई के जुहू स्थित परवीन बाबी के अपार्टमेंट के बाहर कई दिनों तक अखबार और दूध के पैकेट पड़े रहे, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई थी। पुलिस जब दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तो नजारा दिल दहला देने वाला था। 70 और 80 के दशक की सबसे खूबसूरत हिरोइन की लाश बिस्तर पर पड़ी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उनके पेट में अन्न का एक दाना तक नहीं था, जिसका मतलब था कि उन्होंने पिछले तीन-चार दिनों से कुछ नहीं खाया था।
कबीर बेदी ने अपनी किताब में उस मंजर का जिक्र किया है जिसे पढ़कर किसी की भी रूह कांप जाए। उन्होंने लिखा, "उनकी लाश मिलने के वक्त उनका एक पैर गैंग्रीन की वजह से पूरी तरह सड़ चुका था। बिस्तर के पास एक व्हीलचेयर पड़ी थी।" कबीर कहते हैं कि जिस सितारे को दुनिया अपनी पलकों पर बिठाती थी, उसका अंत इतना वीरान होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
परवीन की विदाई का जिक्र करते हुए कबीर लिखते हैं कि जुहू के मुस्लिम कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए उनके जीवन से जुड़े तीन अहम पुरुष मौजूद थे- महेश भट्ट, डैनी डेन्जोंगपा और खुद कबीर बेदी। ये तीनों ही कभी न कभी परवीन के बेहद करीब रहे थे। कबीर के मुताबिक, उस शाम उन्हें इस बात का गहरा मलाल था कि परवीन ने अपनी जिंदगी में कितनी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना अकेले झेली।
कबीर और परवीन का रिश्ता उस समय काफी चर्चा में रहा था। कबीर ने बताया कि उन्होंने कई बार परवीन को इलाज कराने की सलाह दी थी, लेकिन उस समय मानसिक बीमारी को एक कलंक माना जाता था। परवीन को डर था कि अगर दुनिया को उनकी दिमागी हालत का पता चला, तो उनका करियर बर्बाद हो जाएगा। इसी खौफ और इलाज न कराने की जिद ने उन्हें अपनों से दूर कर दिया। 1977 में उनका रिश्ता टूट गया, क्योंकि परवीन को लगने लगा था कि कबीर उन्हें जबरदस्ती अस्पताल भेज देंगे और फिर दोनों अलग हो गए।