
Pradeep Rawat Death: भारतीय सिनेमा के बड़े विलेन में गिने जाने वाले वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। 'गजनी', 'लगान' और बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में अपने बेहतरीन अदाकारी के लिए पहचाने जाने वाले इस दिग्गज अभिनेता ने मंगलवार शाम भिवंडी के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और लगभग 1 महीने से अस्पताल में भर्ती थे। अब उनके निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार की जानकारी भी सामने आ गई है।
प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने उनके निधन की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया था कि अभिनेता पिछले पांच सालों से कैंसर से लड़ रहे थे। हालांकि चार साल पहले वह इस बीमारी से उबर गए थे, लेकिन डेढ़ महीने पहले कैंसर दोबारा उभर आया। अचानक प्लेटलेट्स कम होने के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया। प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य को छोड़ गए हैं। 'लगान' में उनके सह-कलाकार रहे अभिनेता यशपाल शर्मा ने बीते दिन इस खबर को शेयर करते हुए दुख जताया था और अब उन्होंने एक और पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि बुधवार 5 अगस्त को दोपहर 2 बजे मुंबई के गोरेगांव में एक्टर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वहीं, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी एक्टर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से उन्होंने भारतीय सिनेमा में कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। आने वाली पीढ़ियां उनके इस योगदान को हमेशा याद रखेंगी।
21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मे प्रदीप रावत का अभिनय करियर चार दशकों से भी अधिक लंबा रहा है। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तमिल और तेलुगु सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें सबसे पहले बी.आर. चोपड़ा के प्रसिद्ध धारावाहिक 'महाभारत' (1988) में 'अश्वत्थामा' के किरदार से लोकप्रियता मिली थी। इसके बाद उन्होंने आमिर खान की फिल्म 'सरफरोश' में सुल्तान, ऑस्कर-नामित 'लगान' (2001) में तेज गेंदबाज देवा सिंह सोढ़ी और फिल्म 'गजनी' में मुख्य खलनायक धर्मात्मा की भूमिका निभाई थी।