Ajit Pawar Death: अजित पवार की अचानक मौत पर सिंगर राहुल वैद्य भी बेहद इमोशनल नजर आए। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया जिसमें अजित पवार का एक अलग ही अंदाज नजर आ रहा है। वह गाना भी गुनगुना रहे हैं।
Ajit Pawar Death: अजित पवार की मौत का दर्द महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक पहुंचा है। 64 साल के कद्दावर नेता और राज्य के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार की प्लेन क्रैश में बुधवार को मौत हो गई। इस खबर ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया। जहां उनके जाने के बाद लोग उनकी अनसुनी बातें याद कर रहे हैं वहीं इस लिस्ट में सिंगर राहुल वैद्य का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर अजित पवार से आखिरी मुलाकात का एक वीडियो शेयर किया। जिसमें वह स्टेज पर परफॉर्मेंस दे रहे हैं और ऑडियंस में बैठे अजित पवार फुल एंजॉय कर रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राहुल वैद्य ने इंस्टाग्राम पर अजित पवार का वीडियो शेयर किया। इसमें देखा जा सकता है कि अजित पवार स्टेज के सबसे आगे सीट पर बैठकर उनके 'ओ मेरे दिल के चैन' गाने परफॉर्मेंस का आनंद लेते दिख रहे हैं, और साथ में गाना भी गा रहे हैं। वीडियो में 'दादा' (जैसा कि उन्हें प्यार से बुलाया जाता था) काफी खुशमिजाज नजर आ रहे हैं।
राहुल ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए एक बेहद भावुक कैप्शन लिखा। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया, "यह 6 दिसंबर 2025 की बात है, जब अजित दादा लगातार करीब 2 घंटे तक बैठे रहे और अपने पसंदीदा गाने बजाने की फरमाइश करते रहे। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह उनसे मेरी आखिरी मुलाकात होगी। उनकी मौत एक बुरे सपने जैसी लग रही है। अजित दादा पवार बहुत जल्दी चले गए, आपकी कमी हमेशा खलेगी। ओम शांति।"
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुणे जिले की पुलिस ने इस मामले में दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है। जांच में सामने आया है कि यह विमान मुंबई से उड़ान भरने के बाद बारामती में लैंड होने वाला था, लेकिन उतरने से महज कुछ मिनट पहले ही संतुलन बिगड़ने से क्रैश हो गया। इस विमान में अजित पवार के साथ सवार चार अन्य लोगों की भी इस हादसे में जान चली गई है।
अजित पवार का फिल्म जगत के लोगों से भी काफी गहरा जुड़ाव था। उनके निधन पर रितेश देशमुख, संजय दत्त, उर्मिला मांतोडकर, अजय देवगन और अनुपम खेर जैसे कई बड़े सितारों ने दुख जताया है। एक्ट्रेस कंगना रनौत और शिल्पा शेट्टी ने भी उन्हें एक कर्मठ नेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी। सभी का मानना है कि महाराष्ट्र ने एक ऐसा नेता खो दिया है जो जमीन से जुड़ा था और लोगों की समस्याओं को अपनी समस्या समझता था।