
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी पचड़े को लेकर चर्चा में हैं। अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल इस वक्त एक गंभीर मामले का सामना कर रहे हैं। चेक बाउंस केस में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने अभिनेता की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने सरेंडर की समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी।
दरअसल, राजपाल यादव पर करीब 50 लाख रुपये से जुड़े चेक बाउंस का मामला चल रहा है। इससे पहले अदालत ने उन्हें निर्देश दिया था कि वो तय तारीख तक जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करें। हालांकि अभिनेता ने कोर्ट में गुहार लगाई कि उन्हें कुछ और वक्त दिया जाए ताकि वह रकम का इंतजाम कर सकें। लेकिन कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि अभिनेता को राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता। न्यायालय का मानना था कि पहले से तय आदेश के बावजूद समय बढ़ाने की मांग न्यायसंगत नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि राजपाल यादव को तय समय पर सरेंडर करना होगा। अदालत के इस फैसले के बाद अभिनेता के फैंस भी हैरान नजर आ रहे हैं।
भारत में चेक बाउंस से जुड़े मामलों को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत देखा जाता है। अगर किसी व्यक्ति द्वारा जारी किया गया चेक खाते में पर्याप्त राशि न होने की वजह से बाउंस हो जाता है, तो ये आपराधिक अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में आरोपी को जुर्माना, जेल या दोनों की सजा हो सकती है। जुर्माने की राशि चेक अमाउंट से दोगुनी तक हो सकती है, जबकि जेल की सजा दो साल तक की हो सकती है।
राजपाल यादव के मामले में भी अदालत ने इसी कानून के तहत कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से यह केस चल रहा था और अब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
राजपाल यादव ने अपने करियर में ‘हंगामा’, ‘चुप चुप के’, ‘भागम भाग’, ‘भूल भुलैया’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। उनकी कॉमेडी ने उन्हें हर उम्र के दर्शकों का चहेता बनाया। लेकिन बीते कुछ वर्षों में उनका नाम फिल्मों से ज्यादा विवादों और कानूनी मामलों से जुड़ता नजर आया है। आखिरी बार वो फिल्म 'भूल भुलैया 3' में नजर आए थे।