Rajpal Yadav In Tihar Jail: राजपाल यादव को 12 फरवरी को बेल नहीं मिल पाई, अब 16 फरवरी को कोर्ट फैसला सुनाएगी। ऐसे में उनके परिवार को लेकर फेमस कॉमेडियन शंभू शिखर ने बड़ी बात बताई है। उन्होंने उनके हालात को लेकर खुलासा किया है।
Rajpal Yadav In Tihar Jail: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों कानूनी मुश्किलों और जेल की सलाखों के पीछे संघर्ष कर रहे हैं। 9 करोड़ के चेक बाउंस केस में उन्होंने 5 फरवरी को जेल में सरेंडर किया था,जिसके बाद उनके केस की सुनवाई 12 फरवरी को हुई, लेकिन एक्टर को बेल नहीं मिल पाई। ऐसे में अब उनके परिवार की हालत को लेकर उनके करीबी दोस्त ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जो बताया उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।
कॉमेडियन शंभू शिखर ने IANS से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि राजपाल और उनका परिवार पिछले काफी समय से इस मानसिक और आर्थिक तनाव से जूझ रहा था। शंभू शिखर ने राजपाल यादव के साथ बिताए हालिया दिनों को याद करते हुए कहा, "मैं राजपाल यादव जी को बहुत करीब से जानता हूं। अभी अगस्त के महीने में हम करीब 7-8 दिन एक साथ थे। उस दौरान मैंने अपनी आंखों से देखा कि वह इस कानूनी समस्या को लेकर कितने ज्यादा परेशान थे। सिर्फ वही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी भी इस मुश्किल से बाहर निकलने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही थीं।"
शंभू ने आगे इमोशनल होते हुए कहा कि राजपाल के दो छोटे बच्चे हैं और फिलहाल पूरा परिवार एक बहुत ही कठिन दौर से गुजर रहा है। हालांकि, उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि बहुत से लोग अब उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। उम्मीद है कि भगवान की कृपा से वह जल्द ही बाहर आएंगे और दर्शकों को फिर से अपनी एक्टिंग से हसाएंगे।
कलाकारों की जिंदगी में आने वाले उतार-चढ़ाव पर बात करते हुए शंभू शिखर ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, "एक वक्त था जब अमिताभ बच्चन भी दिवालिया हो गए थे और उनका बंगला तक बिकने की नौबत आ गई थी। कलाकारों की जिंदगी कभी-कभी असंतुलित हो जाती है, लेकिन जो मेहनती होते हैं, वह कमबैक करना जानते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि राजपाल यादव भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर फिर से वापसी करेंगे।"
मनोरंजन जगत में काम की कमी और स्ट्रगल कर रहे युवाओं पर भी शंभू ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कुछ लोग सोचते हैं कि एक रील वायरल हो जाएगी और वह रातों-रात स्टार बन जाएंगे, लेकिन असलियत ऐसी नहीं है। उन्होंने कहा, "एक फिल्म बनने में ढाई से तीन साल का पसीना लगता है। यहां कोई जादू नहीं चलता। कई लोग विलेन का रोल तक नहीं कर पाते और सीधे हीरो बनने का सपना देखते हैं। अगर आपके अंदर टैलेंट है और आप लगातार कोशिश कर रहे हैं, तो काम आज नहीं तो कल जरूर मिलेगा।"