
Neetu Kapoor Birthday: बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री नीतू कपूर (नीतू सिंह) आज अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मी सफर शुरू करने वाली नीतू ने कम उम्र में ही हिंदी सिनेमा की बड़ी स्टार के रूप में पहचान बना ली थी। उन्होंने अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, जितेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। वहीं, ऋषि कपूर के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन जोड़ी आज भी बॉलीवुड की सबसे चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है।
इसके बाद उन्होंने 'दस लाख', 'दो दूनी चार', 'वारिस' और 'घर-घर की कहानी' जैसी फिल्मों में काम किया। मगर बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट नीतू कपूर को असली पहचान माला सिन्हा और बिस्वजीत स्टारर फिल्म 'दो कलियां' से मिली। 1968 में आई इस फिल्म में नीतू ने जुड़वां बहनों - 'गंगा और जमुना' का डबल रोल निभाया था, जो अपने अलग हो चुके पेरेंट्स को फिर से मिलाती हैं। फिल्म का गाना 'बच्चे मन के सच्चे', आज भी चिल्ड्रन्स डे पर बजाया जाता है।
साल 1973, 15 साल की नीतू कपूर ने के. शंकर की फिल्म 'रिक्शावाला' में रणधीर कपूर के साथ फीमेल लीड के तौर पर डेब्यू किया। और संयोग देखिये कि आगे चल कर वो रणधीर कपूर की भाभी बनीं। इसके बाद उन्होंने 'यादों की बारात' में एक छोटा सा रोल किया, जो फिल्म सुपरहिट रही। तारिक हुसैन के साथ उनके जबरदस्त डांस नंबर 'लेकर हम दीवाना दिल' ने उन्हें इतनी लोकप्रियता दिलाई कि इसके बाद उन्हें कई और फिल्मों में लीड रोल मिलने लगे।
कहा जाता है कि अपनी पहली फिल्म 'जहरीला इंसान' में साथ काम करते समय ऋषि ने नीतू को बहुत परेशान किया था। जब नीतू अपना मेकअप पूरा कर लेती थीं, तो ऋषि उनके चेहरे पर काजल लगा देते थे। जाहिर है, नीतू को गुस्सा आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसी मजाकिया नेचर वाले ऋषि कपूर ने उनका दिल जीत लिया। एक इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने कहा था, "मुझे याद है कि उस समय मेरी अपनी गर्लफ्रेंड से बहस हो गई थी और मेरा दिल टूट गया था। उसे वापस पाने की कोशिश में, मैंने 'जहरीला इंसान' की शूटिंग के दौरान अपनी गर्लफ्रेंड को टेलीग्राम लिखने में नीतू की मदद ली थी।"
उन्होंने आगे कहा, "जैसे-जैसे समय बीतता गया, मुझे एहसास हुआ कि नीतू ही मेरे लिए सही हैं, क्योंकि जब मैं शूटिंग के लिए यूरोप गया तो मुझे उनकी याद आने लगी। मजेदार बात यह है कि मैंने यूरोप से कश्मीर में उन्हें एक टेलीग्राम भेजा जिसमें लिखा था कि मैं उनके बारे में सोच रहा हूं।"
नीतू कपूर और ऋषि कपूर ने 70 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया और इसी दौरान उनके बीच एक-दूसरे के लिए प्यार परवान चढ़ा। उनकी सफल फिल्मों में 'खेल खेल में' (1975), 'कभी कभी' (1976), 'अमर अकबर एंथनी' (1977) और 'दूसरा आदमी' (1977) शामिल थीं। उन्होंने ऋषि कपूर के साथ 11 फिल्में कीं और अपने परिवार के लिए सब कुछ छोड़ दिया। जनवरी 1980 में, नीतू और ऋषि की शादी मुंबई के चेंबूर में आरके स्टूडियो में हुई। शादी के बाद नीतू कपूर ने फिल्में छोड़ दीं; उन्होंने कहा कि ये उनकी पर्सनल चॉइस थी, न कि शादीशुदा होने की वजह से।
ऋषि कपूर और नीतू कपूर का साथ 40 साल तक रहा और उनके दो बच्चे हुए - रिद्धिमा कपूर और रणबीर कपूर। 30 अप्रैल 2020 को, मशहूर एक्टर ऋषि कपूर का ल्यूकेमिया से दो साल तक लड़ने के बाद निधन हो गया। उनके फैंस, दोस्त और परिवार वाले बहुत दुखी थे, लेकिन नीतू कपूर के लिए यह समय और भी मुश्किल था।
कुछ दिनों पहले नीतू कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था, "जब उनका निधन हुआ, तो एक महीने तक मैं सो नहीं पाई। या शायद 2-3 महीने तक मुझे नींद नहीं आई। और मुझे शराब पीने की लत लग गई। मैंने पीना शुरू कर दिया, और फिर, बिना पिए मुझे नींद नहीं आती थी," नीतू कपूर ने सोहा अली खान को बताया।
"क्योंकि मैं अपनी सेहत को लेकर बहुत जागरूक हूं, इसलिए मुझे खुद का ऐसा रूप पसंद नहीं आया। मुझे बस अपने दिमाग को शांत करके सोना था। मुझे खुद पर अच्छा नहीं लग रहा था। इसलिए मैंने अपने डॉक्टर को फोन किया और कहा, 'मेरे साथ ऐसा हो रहा है, मुझे मदद चाहिए। मुझे यह पसंद नहीं है, और मैं ऐसी नहीं हूं." इसके आगे उन्होंने बताया कि एक डॉक्टर रोज उनके घर आते थे, उन्हें इंजेक्शन लगाते थे और उनके सो जाने तक वहीं रुकते थे। "यह 10 दिनों तक चला। 11वें-12वें दिन, मैंने कहा, 'डॉक्टर, अब मैं ठीक हूं। मुझे नहीं लगता कि मुझे इसकी जरूरत है।'
'दादी की शादी' में नीतू कपूर ने लंबे समय बाद एक बार फिर अपने सहज और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी औरत का किरदार निभाया है, जो उम्र के इस पड़ाव पर अपने बच्चों का प्यार पाने के लिए एक बड़ा फैसला लेती है। नीतू कपूर ने एक्टिंग से ये मेसेज दिया कि खुशियां और नई शुरुआत की कोई उम्र नहीं होती। फिल्म में उनकी सादगी, आत्मविश्वास और भावनात्मक अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा।