Satinder Sartaaj On Dhurandhar 2 Jaiye Sajana Song: सिंदर सतिंदर सरताज ने हाल ही में धुरंधर 2 क अपने वायरल गाने जाइए सजना पर रिएक्शन दिया है।
Satinder Sartaaj On Dhurandhar 2 Jaiye Sajana Song: पंजाबी सूफी संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मशहूर गायक और शायर सतिंदर सरताज इन दिनों अपनी आवाज के जादू से एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी आवाज में रिकॉर्ड किया गया गीत 'जाइए सजना' फिल्म 'धुरंधर 2' के रिलीज के बाद सोशल मीडिया से लेकर म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स तक छाया हुआ है। हालांकि इस जबरदस्त लोकप्रियता के बावजूद सरताज का कहना है कि उनके लिए केवल बॉलीवुड ही अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि संगीत उनकी साधना है और वही उनकी असली पहचान है।
'हिंदुस्तान टाइम्स' के साथ हालिया बातचीत में सतिंदर सरताज ने साफ शब्दों में कहा कि किसी गीत का वायरल होना कई बार टीमवर्क और समय के संयोग का नतीजा होता है। उन्होंने गीत की लोकप्रियता का श्रेय फिल्म की पूरी टीम को देते हुए कहा कि कलाकार के रूप में उनका काम ईमानदारी से गाना होता है, जबकि सफलता का बड़ा हिस्सा पूरी टीम की मेहनत से जुड़ा होता है। उन्होंने गाने की कामयाबी का श्रेय आदित्य धर, रणवीर सिंह समेत फिल्म की पूरी टीम और क्रू को दिया है।
उनका ये विनम्र अंदाज दर्शाता है कि वो लोकप्रियता को लेकर ज्यादा उत्साहित होने के बजाय अपने रचनात्मक सफर पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं।
सतिंदर सरताज ने ये भी साफ किया कि वो सिर्फ हिंदी फिल्मों में गाने को ही अपने करियर का उद्देश्य नहीं मानते। उनके मुताबिक वे स्वतंत्र संगीत, लाइव कॉन्सर्ट्स और आध्यात्मिक-सूफी प्रस्तुतियों के जरिए श्रोताओं से जुड़ना ज्यादा पसंद करते हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार के लिए जरूरी है कि वो अपने अंदर की संतुष्टि बनाए रखे, तभी उसका काम स्वाभाविक रूप से लोगों तक पहुंचता है। यही कारण है कि बॉलीवुड में लगातार मौके मिलने के बावजूद सरताज अपने स्वतंत्र संगीत सफर को बराबर महत्व देते हैं।
इन दिनों सतिंदर सरताज देशभर में अपने लाइव कॉन्सर्ट्स और संगीत यात्राओं में व्यस्त हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने बताया कि उनके कई बॉलीवुड गीत पहले से रिकॉर्ड हो चुके हैं और आने वाले समय में धीरे-धीरे रिलीज़ होंगे। लेकिन वे रिलीज़ की तारीखों को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं रहते, क्योंकि उनका ध्यान हमेशा मंच पर लाइव प्रदर्शन और श्रोताओं से जुड़ाव पर रहता है। उनकी यह सोच उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती है, जहां कई कलाकार रिलीज़ और ट्रेंड्स पर नजर रखते हैं।
सतिंदर सरताज लंबे समय से स्वतंत्र संगीत के जरिए अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। उनके लोकप्रिय गीतों में साई, सजन राजी, उडारिया और इक्को मिक्के जैसे कई यादगार ट्रैक शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें सूफी संगीत प्रेमियों के बीच खास जगह दिलाई है।
हाल ही में जब ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बीच कई कलाकार बड़े मंचों पर दिखाई दे रहे थे, उसी समय सरताज एक सूफी संगीत समारोह में प्रस्तुति देते नजर आए। इससे साफ होता है कि उनके लिए लोकप्रियता से ज्यादा महत्वपूर्ण संगीत की आत्मा और दर्शकों से सीधा संवाद है।