Suman Kalyanpur Death News: दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन से राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सुमन कल्याणपुर को अब तक कई नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी है।
Suman Kalyanpur Death News: भारतीय फिल्म संगीत जगत से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने करोड़ों संगीत प्रेमियों को भावुक कर दिया है। अपनी मधुर और दिल को छू लेने वाली आवाज से कई पीढ़ियों के दिलों में खास जगह बनाने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर अब इस दुनिया में नहीं रहीं। 89 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे ऐसा संगीत खजाना छोड़ गईं जो आने वाले वर्षों तक श्रोताओं के दिलों में गूंजता रहेगा।
जब भी हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर का जिक्र होता है, सुमन कल्याणपुर का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी आवाज में एक अलग ही मिठास थी, जिसने उन्हें संगीत प्रेमियों का चहेता बना दिया। उन्होंने सिर्फ हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि मराठी समेत कई भारतीय भाषाओं में अपनी गायकी का जादू बिखेरा।
ढाका में जन्मी सुमन कल्याणपुर का शुरुआती जीवन कला और संगीत के बीच बीता। बचपन से ही उन्हें चित्रकला और संगीत दोनों में रुचि थी। हालांकि किस्मत ने उन्हें रंगों की दुनिया से निकालकर सुरों की दुनिया का सितारा बना दिया। संगीत की शिक्षा लेने के बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी पहचान बनानी शुरू की और धीरे-धीरे वह देश की सबसे लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल हो गईं।
उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीति, फिल्म और संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ नेताओं और उनके प्रशंसकों ने उन्हें भारतीय संगीत का अनमोल रत्न बताया। उनके निधन पर शोक जताते हुए महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उनके साथ एक तस्वीर साझा की।
उन्होंने लिखा- 'सुमन जी ने शुरुआत में पेंटिंग की ट्रेनिंग ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने संगीत को ही अपनी जिंदगी बना लिया। इसके बाद वो देश की सबसे सम्मानित प्लेबैक सिंगर्स में से एक बनीं। उनकी मधुर आवाज और शास्त्रीय संगीत पर उनकी पकड़ ने उनके गानों को बेहद पॉपुलर बनाया, खासकर 1950 और 1960 के दशक में।'
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी सुमन कल्याणपुर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अपनी सदाबहार और मधुर धुनों से भारतीय संगीत पर राज करने वाली अनुभवी गायिका के जाने से संगीत का 'सुमन' (फूल) मुरझा गया है। शिंदे ने कहा, 'सुमन जी सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि वो भारतीय सुगम शास्त्रीय और फिल्मी संगीत के एक सुनहरे युग का प्रतिनिधित्व करती थीं।'
सुमन कल्याणपुर को श्रद्धांजलि देते हुए शरद पवार ने लिखा- 'दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। अपनी मधुर, सुरीली और आत्मा को स्पर्श करने वाली आवाज़ के माध्यम से उन्होंने भारतीय संगीत जगत को समृद्ध बनाया। हिंदी, मराठी तथा अनेक अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में गाए गए उनके अमर गीतों ने पीढ़ियों के भावनात्मक संसार पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।'
सुप्रिया सुले ने लिखा- प्रख्यात पार्श्व गायिका और पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित सुमन कल्याणपुर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदय को व्यथित करने वाला है। अपनी मधुर और शहद सी मीठी आवाज़ के बल पर उन्होंने दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया।
सुमन कल्याणपुर का जाना केवल एक कलाकार का निधन नहीं है, बल्कि भारतीय संगीत के एक सुनहरे अध्याय का अंत माना जा रहा है। हालांकि कलाकार शरीर से विदा हो जाते हैं, लेकिन उनकी कला हमेशा जीवित रहती है। सुमन कल्याणपुर के साथ भी यही सच है।