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Suman Kalyanpur Death: लता मंगेशकर से आवाज मिलना सुमन कल्याणपुर के लिए बन गई थी गले की फांस, 89 की उम्र में निधन

Suman Kalyanpur Death News: दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन हो गया है। सुमन ने 89 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है।
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Updated: 1 Jun 2026, 7:07 AM IST
Suman Kalyanpur Death News
Suman Kalyanpur Death News (सोर्स- एक्स)

Suman Kalyanpur Death News: संगीत की दुनिया से एक ऐसी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई, जिसने दशकों तक करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी मधुरता की छाप छोड़ी। हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग की चर्चित पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर ने 89 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन के साथ भारतीय संगीत जगत का एक सुनहरा अध्याय भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।

सुमन कल्याणपुर की मधुर आवाज खामोश हो गई

जब भी हिंदी सिनेमा के महान गायकों और गायिकाओं की चर्चा होती है, सुमन कल्याणपुर का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी आवाज इतनी मधुर और कोमल थी कि कई बार श्रोताओं के लिए ये पहचानना मुश्किल हो जाता था कि गीत लता मंगेशकर ने गाया है या सुमन कल्याणपुर ने। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कभी किसी की परछाईं बनकर नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान के साथ संगीत जगत में जगह बनाई।

सुमन कल्याणपुर का जन्म ढाका में हुआ

सुमन कल्याणपुर का जन्म वर्ष 1937 में तत्कालीन अविभाजित भारत के ढाका शहर में हुआ था। बचपन से ही उन्हें कला और संगीत से विशेष लगाव था। परिवार के मुंबई आने के बाद उनके संगीत सफर को नई दिशा मिली। शुरू में वह चित्रकार बनने का सपना देखती थीं, लेकिन उनकी सुरीली आवाज ने उन्हें संगीत की दुनिया की ओर मोड़ दिया।

संगीत की औपचारिक शिक्षा लेने के बाद उन्होंने बेहद कम उम्र में फिल्मों में गाना शुरू कर दिया। शुरुआती संघर्षों के बावजूद उनकी प्रतिभा ने संगीतकारों का ध्यान खींचा और जल्द ही उन्हें बड़े प्रोजेक्ट मिलने लगे। धीरे-धीरे उनकी आवाज रेडियो, रिकॉर्ड और सिनेमाघरों के जरिए देशभर में गूंजने लगी।

सुमन कल्याणपुर ने हर तरह के गाने गाए

उनके गाए कई गीत आज भी सदाबहार माने जाते हैं। रोमांटिक गीतों से लेकर भजनों और गजलों तक, उन्होंने हर शैली में अपनी छाप छोड़ी। हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, कन्नड़, असमिया और उड़िया जैसी कई भाषाओं में भी उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरा।

ऐ मेरे वतन के लोगों भी गाने वाली थीं सुमन

उनके जीवन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी अक्सर चर्चा में रहा। देशभक्ति के सबसे प्रतिष्ठित गीतों में से एक 'ऐ मेरे वतन के लोगों' को गाने के लिए शुरुआत में उनका नाम भी सामने आया था। बताया जाता है कि उन्होंने इसकी तैयारी भी की थी, लेकिन अंतिम समय में परिस्थितियां बदल गईं और यह गीत किसी और की आवाज में रिकॉर्ड हुआ। इस घटना का जिक्र उन्होंने कई बार किया और माना कि यह उनके जीवन के सबसे यादगार तथा भावनात्मक पलों में से एक था।

करियर में हजारों गीतों को दी आवाज

सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर में हजारों गीतों को आवाज दी और लाखों संगीत प्रेमियों के दिलों में अमिट स्थान बनाया। उनकी गायकी में सादगी, भावनाएं और शास्त्रीय संगीत की गहराई साफ झलकती थी।

आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को भी उसी तरह मंत्रमुग्ध करते रहेंगे जैसे उन्होंने दशकों तक अपने प्रशंसकों को किया। भारतीय संगीत जगत उन्हें हमेशा एक ऐसी गायिका के रूप में याद रखेगा, जिसकी आवाज समय की सीमाओं से परे जाकर अमर हो गई।

Updated on:
1 Jun 2026, 7:07 AM IST
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