Darshan Kumar Passed Away: टी-सीरीज के संस्थापक रहे गुलशन कुमार की मौत सालों पहले हो चुकी है। अब उनके भाई दर्शन कुमार ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया है। इस खबर से पूरे बॉलीवुड में मातम छा गया है।
Darshan Kumar Passed Away: संगीत की दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य 'टी-सीरीज' (T-Series) के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। कंपनी के संस्थापक स्वर्गीय गुलशन कुमार के छोटे भाई दर्शन कुमार का निधन हो गया है। उन्होंने 18 अप्रैल 2026 को दिल्ली में आखिरी सांस ली है। दर्शन कुमार संगीत जगत के एक ऐसे गुमनाम नायक थे, जिन्होंने चकाचौंध से दूर रहकर कई उभरते हुए कलाकारों के करियर को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जैसे ही ये खबर सामने आई हर कोई हैरान रह गया। लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और परिवार का सांत्वना दे रहे हैं।
दर्शन कुमार अपने सरल और मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे। हालांकि, वह अपने भतीजे भूषण कुमार या भाई कृष्ण कुमार की तरह खबरों में ज्यादा नहीं रहते थे, लेकिन टी-सीरीज परिवार के अंदर उनकी सलाह और मौजूदगी को बहुत सम्मान दिया जाता था। इंडस्ट्री से जुड़े लोग उन्हें एक उदार व्यक्तित्व के रूप में याद कर रहे हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर संगीत की बारीकियों को समझते थे और कलाकारों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनके निधन की खबर फैलते ही बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
टी-सीरीज की नींव गुलशन कुमार दुआ ने 1983 में रखी थी। 90 के दशक तक उन्होंने इसे देश का नंबर-वन रिकॉर्ड लेबल बना दिया था। दुर्भाग्यवश, 12 अगस्त 1997 को मुंबई के जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर अंडरवर्ल्ड के गुंडों ने उनकी हत्या कर दी थी। उस कठिन समय के बाद, दर्शन कुमार ने भी परिवार को एकजुट रखने में अपना योगदान दिया।
गुलशन कुमार के जाने के बाद उनके बेटे भूषण कुमार और भाई कृष्ण कुमार ने कंपनी की कमान संभाली। आज भूषण कुमार के नेतृत्व में टी-सीरीज दुनिया की सबसे बड़ी म्यूजिक और फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों में से एक बन चुकी है। परिवार की अगली पीढ़ी में तुलसी कुमार और खुशाली कुमार भी गायकी और अभिनय के जरिए इस विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
दर्शन कुमार के निधन पर इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया है। दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें परिवार के सदस्यों के साथ-साथ संगीत जगत की कई हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। उनके जाने से दुआ परिवार ने न केवल एक सदस्य, बल्कि एक मार्गदर्शक भी खो दिया है। उनकी यादें उनके द्वारा प्रमोट किए गए संगीत और कलाकारों के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।