
Tiger Shroff Attack Injured Youtuber Umesh Chauhan: बॉलीवुड के फेमस एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हमला हुआ था। उनपर लॉरेंस बिश्वोई के गैंग ने कई राउंड फायकिंग की थी। जिसमें अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर को गोली लग गई। उसका इलाज हॉस्पिटल में चल रहा है। वहीं इस सनसनीखेज गोलीबारी में एक और शख्स को गोली लगी थी। वह है टाइगर श्रॉफ के 35 साल के फैन उमेश चौहान। उमेश का भी केईएम (KEM) अस्पताल में ईलाज चल रहा है। उनके सीने में फंसी गोली को सर्जरी के बाद निकाल लिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल बुलेटिन जारी किया है। उन्हें डॉक्टरों की देखरेख में आईसीयू में रखा गया है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग में घायल हुए यूट्यूबर को लेकर अस्पताल के आधिकारिक बयान के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी (CVTS) ऑपरेशन थिएटर में जनरल एनेस्थीसिया के तहत उमेश चौहान की यह जटिल सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उनके सीने से गोली बाहर निकाल ली है।
हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जानकारी दी कि मरीज ने इस पूरी प्रक्रिया को अच्छी तरह से झेल लिया है और उनके वाइटल पैरामीटर्स (Vital Parameters) पूरी तरह से स्टेबल हैं। ऑपरेशन के बाद उन्हें पोस्ट-ऑपरेशन ऑब्जर्वेशन के लिए इमरजेंसी सर्विसेज एंड रिकवरी (ESR) इंटेंसिव केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां मेडिकल टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। गनीमत यह रही कि इस गोलीबारी में उनके दिल और फेफड़ों को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा और लिवर में जरूर चोट आई थी।
यह खौफनाक घटना बीते 18 अक्टूबर को जुहू में एक फुटबॉल वेन्यू के पास घटी थी, जब टाइगर श्रॉफ मैच खेलने के बाद अपनी कार से निकल रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के मानखुर्द के रहने वाले उमेश चौहान पिछले डेढ़ साल से बॉलीवुड सेलिब्रिटीज और उनके फैंस की गतिविधियों को अपने कैमरे में रिकॉर्ड करने का काम करते हैं। घटना के वक्त जब टाइगर वहां से निकल रहे थे, तो उमेश उनका वीडियो बना रहे थे, तभी अचानक बाइक पर आए अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
इस कार पर करीब सात राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन वीडियो बना रहे उमेश चौहान के सीने में गोली जा धंसी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले जुहू के कूपर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए केईएम अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और लगातार पूछताछ जारी है।