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‘मैं जेल में मरना नहीं चाहता’, तेज बुखार में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट के मुंह से निकले शब्द, 30 करोड़ धोखाधड़ी केस पर की बात

Vikram Bhatt Shares Jail Experience: फिल्ममेकर विक्रम भट्ट ने हाल ही में अपने जेल के अनुभव को सभी के साथ साझा करते हुए एक पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने डरावने अनुभव को साझा किया है।

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Apr 14, 2026
Vikram Bhatt Shares Jail Experience (सोर्स- एक्स)

Vikram Bhatt Shares Jail Experience: बॉलीवुड के बड़े फिल्ममेकर विक्रम भट्ट ने जेल के उस भयानक अनुभव को याद किया है जब उन्हें लगा था कि सबकुछ खत्म हो चुका है। विक्रम भट्ट ने 30 करोड़ से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी के बाद के मुश्किल वक्त के बारे में साझा तिया है। इस घटना के महीनों बाद उन्होंने खुलकर इस पर बात की है। विक्रम भट्ट ने क्या खुलासा किया है, चलिए जानते हैं।

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विक्रम भट्ट ने जेल के अनुभव के बारे में की बात (Vikram Bhatt Shares Jail Experience)

दरअसल, दिसंबर 2025 में राजस्थान पुलिस ने इस मामले में विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांभरी भट्ट को मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उदयपुर सेंट्रल जेल में रखा गया। फरवरी 2026 में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन जेल के दौरान उनके साथ जो कुछ हुआ, उसे उन्होंने हाल ही में पब्लिकली बात की है।

ठंड, बुखार और डर से भरी रातें (Vikram Bhatt Shares Jail Experience)

विक्रम भट्ट ने पोस्ट करते हुए बताया कि जेल में रहने के दौरान एक रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। तेज सर्दी के बीच उन्हें इतना तेज बुखार हुआ कि कई कंबल ओढ़ने के बावजूद ठंड नहीं रुकी। साथी कैदियों ने उनकी मदद करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति आसान नहीं थी। उन्होंने दवा भी ली, फिर भी हालत में तुरंत सुधार नहीं हुआ।

उन्होंने बताया कि उनकी पहले से ही 'स्पॉन्डिलोआर्थराइटिस' जैसी गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें तेज बुखार खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत को लेकर गंभीर चिंता होने लगी थी।

जेल अस्पताल में भी नहीं मिली तुरंत राहत

फिल्ममेकर के मुताबिक, अगले दिन जब वो जेल के अस्पताल पहुंचे तो वहां जरूरी सुविधाओं की कमी महसूस हुई। उन्होंने डॉक्टरों को अपनी बीमारी के बारे में बताया, लेकिन अस्पताल से बाहर बड़े इलाज के लिए ले जाने में देरी होती रही। कई दिनों तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया गया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ती चली गई।

उन्होंने ये भी बताया कि उस दौरान प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता नहीं मिल सकी। ऐसे में उन्होंने खुद ही अपने खानपान में बदलाव किया और खुद के लिए प्रार्थना करने लगे। उनका कहना है कि यह समय उनके लिए मानसिक परीक्षा जैसा था।

‘परिवार के बारे में सोचकर डर गया था’

इतना ही नहीं, फिल्ममेकर ने ये भी बताया कि उन्हें खुद से ज्यादा चिंता अपने परिवार का हो रही थी। उन्हें सबसे ज्यादा डर ये सता रहा था कि उन्हें अगर कुछ भी हुआ तो उनके पीछे उनके बच्चों, पत्नी और बुजुर्ग पिता का ख्याल कौन रखेगा। अपने इसी अनुभव को उन्होंने सबसे ज्यादा खौफनाक बताया है। विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्होंने उस समय कहा कि उन्हें जेल में ही मरना नहीं है।

तबीयत में फिर होने लगा सुधार

विक्रम भट्ट ने बताया कि लगातार भगवान से प्रार्थना करने की वजह से धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार आने लगा। बाद में जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो उन्होंने राहत की सांस ली।

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Published on:
14 Apr 2026 07:29 pm
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