
Vindu Dara Singh On Farah Naaz divorce:बॉलीवुड में शादियां, रिश्ते और फिर उनके टूटने की कहानियां नई नहीं हैं। लेकिन कुछ शादियां ऐसी होती हैं, जिनके टूटने का दर्द सालों बाद भी इंसान के बयानों में साफ झलकता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब मशहूर अभिनेता विंदू दारा सिंह (Vindu Dara Singh) ने अभिनेत्री तब्बू की बड़ी बहन और अपनी पूर्व पत्नी फराह नाज (Farah Naaz) के साथ टूटे रिश्ते पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा खुलासा भी किया और बताया कि उनके पिता और कुश्ती के दिग्गज दारा सिंह ने उन्हें इस अंतरधार्मिक शादी के खतरों और चुनौतियों के बारे में पहले ही चेतावनी दे डाली थी।
विंदू दारा सिंह ने अपने पिता की सीख को याद करते हुए बताया कि दारा सिंह हमेशा धार्मिक एकता में विश्वास रखते थे। वह मानते थे कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई- सभी आपस में भाई-भाई हैं। लेकिन जब विंदू ने फराह नाज से शादी करने की इच्छा जताई, तो उनके पिता ने उन्हें रोकते हुए कहा था, "विंदू, सोच-समझकर फैसला करो। हिंदू-मुस्लिम शादियां बहुत मुश्किल होती हैं। अक्सर अंत में चीजें गलत हो जाती हैं।" उस वक्त विंदू को पूरा भरोसा था कि सब ठीक रहेगा और उन्होंने पिता से कहा था, "पिताजी, हमारे साथ कुछ गलत नहीं होगा।"
आज पीछे मुड़कर देखने पर विंदू स्वीकार करते हैं कि उनके पिता का अनुभव और उनकी बात बिल्कुल सही थी। उन्होंने कहा, "हम बच्चे सोचते हैं कि हम बहुत बुद्धिमान हैं और माता-पिता को क्या पता? लेकिन वह हमसे कहीं ज्यादा जानते हैं। हालांकि, मुझे अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है क्योंकि इस शादी से मुझे मेरा बेटा फतेह मिला, जिससे मैं अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता हूं।"
जब विंदू से सीधा सवाल पूछा गया कि क्या फराह के साथ उनके तलाक के पीछे धर्म एक बड़ा कारण था, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया, "बिल्कुल, इसमें कोई शक नहीं है।" विंदू ने साफ किया कि शुरुआत में उनके बीच धर्म को लेकर कोई दिक्कत नहीं थी। दोनों एक सामान्य जिंदगी जी रहे थे। लेकिन शादी के कुछ समय बाद अचानक फराह बहुत ज्यादा धार्मिक हो गईं।
विंदू के मुताबिक, "हमारे घर में पहले कभी ऐसा धार्मिक माहौल नहीं था। इसलिए जब कोई अचानक बहुत ज्यादा कट्टर या धार्मिक हो जाता है, तो आपसी मतभेद और दिक्कतें पैदा होने लगती हैं। मेरे हिसाब से हमारी शादी टूटने की मुख्य वजह यही थी।" बता दें कि विंदू और फराह ने साल 1996 में शादी की थी, लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण बाद में दोनों का तलाक हो गया।
इंटरव्यू के अंत में विंदू ने अपने पिता दारा सिंह की एक कविता का जिक्र किया, जो उन्होंने अपने निधन से पहले लिखी थी। उस कविता में दारा सिंह ने संदेश दिया था कि सभी रास्ते एक ही ईश्वर तक जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे का जिक्र करते हुए विंदू ने कहा, "जैसा कि मोदी जी कहते हैं- 'सबका साथ, सबका विकास'। हमें कोई बांट नहीं सकता, हम सब एक हैं और एक ही रहेंगे।"
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