Rajpal Yadav Why Tihar Jail Surrender: राजपाल यादव इस समय जेल में हैं। उन्होंने हाल ही में तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। अब उन्हें अपनी 6 महीने के सजा काटनी होगी। आइये जानते हैं आखिर क्या है ये पूरा मामला...
Rajpal Yadav News: अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों लोगों को गुदगुदाने वाले अभिनेता राजपाल यादव की असल जिंदगी में इन दिनों कोई कॉमेडी नहीं चल रही है। वह इन दिनों अपने पुराने लेनदेन के मामले में फंस चुके हैं। उन्होंने हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। जैसे ही ये खबर आई हर कोई हैरान रह गया। सोशल मीडिया पर लोग सवाल-जवाब करने लगे। अब इसी बीच पूरा मामला सामने आया है कि कैसे उनका एक फैसला, उन्हीं के लिए मुसीबत बन गया...
ये भी पढ़ें
राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलों की जड़ें साल 2010 में छिपी हैं। उस समय उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म साल 2012 में 'अता पता लापता' बनाने का सपना देखा था। इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने दिल्ली की कंपनी 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी और राजपाल कर्ज के जाल में फंस गए। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा और 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा को चेक बाउंस होने के मामले में दोषी ठहराया था।
वक्त गुजरने के साथ ब्याज लगकर यह कर्ज करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। दिल्ली हाई कोर्ट ने कई बार राजपाल यादव को राहत दी और उनसे "ईमानदार कदम" उठाने को कहा। पिछले साल अक्टूबर 2025 तक उन्होंने 75 लाख रुपये जमा भी किए, लेकिन कोर्ट ने पाया कि अभी भी एक बड़ा हिस्सा बकाया है। दिसंबर 2025 और 2026 की शुरुआत तक बाकी रकम चुकाने के उनके वादे भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहे। कोर्ट ने बार-बार कहा कि राजपाल अपनी बातों को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
फरवरी 2026 की शुरुआत में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इसपर सख्ती दिखाई और कहा कि किसी भी सेलिब्रिटी को अनिश्चित काल तक रियायत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने पाया कि राजपाल यादव पिछले कुछ सालों में करीब 20 बार पेमेंट के वादों से मुकर चुके हैं। 4 फरवरी को जब उनके वकील ने फंड का इंतजाम करने के लिए एक हफ्ते की और मोहलत मांगी, तो कोर्ट ने उनकी 'दया याचिका' सीधे तौर पर खारिज कर दी। जज ने साफ कहा कि कानून अनुशासन मांगता है, अवमानना नहीं।
5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने अपनी अंतिम पेशी के दौरान 25 लाख का नया चेक पेश कर एक और मौका मांगा, लेकिन इस बार जज का फैसला अटल था। कोर्ट ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के किसी व्यक्ति के लिए खास नियम नहीं बनाए जा सकते। नतीजतन, राजपाल यादव को तिहाड़ जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर करना पड़ा, जहां उन्हें अपनी 6 महीने की सजा काटनी होगी।