'प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा' ये सबसे फेमस डायलॉग आप सभी ने सुना होगा. सुना क्या होगा कभी न कभी मजाक मस्ती में बोला भी होगा. ये डायलॉग बॉलीवुड के मशहूर विलेन प्रेम चोपड़ा का है. उन्होंने इस डायलॉग को कई फिल्म में बोला है, लेकिन वो हमेशा से हीरो बनने के सपने देखा करते थे और उनके पिता उन्हें डॉक्टर या आईएएस बनाना चाहते थे.
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में से एक माने जाने वाले एक्टर प्रेम चोपड़ा ने अपने दशक से लेकर अब तक कई हिट फिल्मों में काम किया है. प्रेम चोपड़ा का सबसे फेमस डायलॉग 'प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा' है, जो आज भी बच्चे-बच्चे के जबां पर है. आज भी इस डायलॉग को लोग मजाकिया तौर पर इस्तेमाल करते हैं. प्रेम चोपड़ा ने अपने करियर में करीबन 320 फिल्मों में काम किया है. उनको सिनेमा जगत के बड़े खलनायक के तौर पर जाना जाता है. इतना ही नहीं उनका इतना फेमस हुआ था कि लोग उनके नाम से गरने लगे थे, लेकिन असल में प्रेम चोपड़ा हीरो बनना चाहते थे और विलेन बन गए.
हालांकि बड़े खलनायक के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले प्रेम चोपड़ा के माता-पिता उन्हें डॉक्टर या आईएएस ऑफिसर बनाना चाहते थे. ये बात उन्होंने खुद कपिल शर्मा के शो में बताई थी. उन्होंने बताया था कि कैसे वो हीरो से विलन बन गए. प्रेम चोपड़ा ने अपने करियर के बारे में बात करते हुए बताया कि 'उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी फिल्मों में हीरो के तौर पर की थी. फिल्म का नाम 'चौधरी करनाल सिंह' था. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया था. उनकी इस फिल्म के बाद उन्होंने और भी फिल्मों में काम किया, लेकिन वो हिट नहीं हो पाईं'.
कपिल शर्मा के शो 'द कपिल शर्मा' में प्रेम चोपड़ा ने बताया था कि 'इनकी पहली फिल्म तो जबरदस्त चली, दूसरी जबरदस्ती चलाई गई'. प्रेम चोपड़ा ने आगे बताया कि 'उस वक्त पंजाबी इंडस्ट्री में ज्यादा एक्पोजर नहीं था, जिसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में काम करना शुरू किया. जहां उन्हें विलन का रोल मिला और उनके किरदार को लोगों ने खूब पसंद किया'. बताया जाता है कि जब प्रेम चोपड़े हीरो के तौर पर नहीं चल पाए तो फिल्म निर्देश क महबूब ने उन्हें विलन के किरादर निभाने की सलाह दी और उनका ये सुझाव मिलने के बाद उन्होंने विलन के तौर पर अपनी किस्मत आजमाई और खलनायक के तौर पर खूब नाम कमाया.
बता दें कि प्रेम चोपड़ा का बचपन हिमाचल प्रदेश के शिमला में बीता है. उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा शिमला में ही ली, जिसके बाद ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया. जहां उन्हें मन में पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिंग करने की चाह भी जागी और उन्होंने हीरो बनने का मन बना लिया. पढ़ाई पूरी होते ही वो मुंबई आए और लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में आने के लिए स्ट्रगल किया.