पुलिस ने जांच में पाया कि इन लोगों ने जालसाज़ी कर 273 अपात्र लोगों को आपदा राहत के चेक दे दिए। 61 मृतक किसानों के नाम पर 4500 से ज्यादा धनराशि के चेक बांट दिए।
बदायूं। तीन लाख 32 हजार के हुए सूखा और आपदा राहत घोटाले में क्राइम ब्रांच टीम ने सेवानिवृत्त तहसीलदार बालक राम सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जांच में पाया कि इन लोगों ने जालसाज़ी कर 273 अपात्र लोगों को आपदा राहत के चेक दे दिए। 61 मृतक किसानों के नाम पर 4500 से ज्यादा धनराशि के चेक बांट दिए। 28 गैर जनपद के लोगोंं को चेक दिए गए थे। जुलाई 2016 में तहसीलदार ने ही बिल्सी थाने में इसका मुकदमा दर्ज कराया था।
क्या है मामला
बदायूं में किसानों को ठगा गया। उनका मुआवजा मिलना तो दूर किसानों के हक के 63 लाख 32 हजार रुपए का गोलमाल तहसील बिल्सी में हुआ। बदायूं की बिल्सी तहसील में किसानों के लिए सूखा राहत के लिए आये पांच करोड़ के पैकेज में 63 लाख से ज्यादा का गोलमाल सामने आया था। उस समय के तहसीलदार बिल्सी बालकराम को जानकारी होने पर बिल्सी थाने में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। बाद में यह जांच बिल्सी थाना पुलिस से क्राइम ब्रांच बदायूं को ट्रांसफर हो गई थी।
तहसीलदार ने कराई थी एफआईआर
बता दें कि वर्ष 2014 में सूखा पड़ा था। सुखा राहत के लिए सरकार ने 2015 में बिल्सी तहसील के लिए पांच करोड़ रुपए दिए थे। 2015 में बिल्सी तहसील में सर्वे कराकर किसानों के लिए चेक दिए जाने थे। किसानों के लिए कम से कम 750 रूपए और अधितम 4500 दिया जाना था। किसानों को लेखपालों ने लिस्ट बनाकर चेक दे दिए। जब तहसीलदार बालकराम ने अपना अकाउंट देखा को पता चला कि कुछ किसानों को 11 हजार, 18, 19, 21, 22, 36 हजार तक भुगतान हो गया है। पूरी जानकारी करने पर पता चला कि बिल्सी तहसील में 273 चेकों के साथ हेराफेरी की गई और बिल्सी की ब्राँच के साथ साथ संभल जनपद में रुपया दिया गया है। 13 जून को जैसे ही तहसीलदार को पता चला जानकारी करके 30 जून को बिल्सी थाने में तहरीर देने के बाद एक जुलाई को हेराफेरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें पांच लोग नामजद किये गए थे। अब क्राइम ब्रांच ने इसी मामले में जांच के दौरान तत्कालीन तहसीलदार बालकराम सहित तीन अन्य लोगों को जेल भेज दिया है।