किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम नहीं है खुर्जा के गांव उस्मापुर के सरकारी स्‍कूल
बुलंदशहर। अगर सरकारी मशीनरी या जनप्रतिनिधि चाहें तो क्या नहीं हो सकता है। ऐसा हो तो सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों को टक्कर दे सकते हैं। खुर्जा के गांव उस्मानपुर का स्कूल भी कुछ ऐसा ही हाल बयां कर रहा है। यहां के भाजपा विधायक और प्रधान की कोशिशों से गांव के स्कूलों की तस्वीर बदल गई है। इन स्कूलों की हालत सुधरने से बच्चे अब निजी स्कूलों से इनकी तरफ रुख कर रहे हैं।
गांव को गोद लिया था विधायक ने
खुर्जा से भाजपा विधायक बिजेंद्र सिंह ने गांव उस्मापुर को गोद लिया था। यहां के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल की सूरत ही बदल गई है। यहां इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई कराई जाती है। सरकारी स्कूल को भी काफी विकसित किया गया है। इसकी साफ-सफाई का भी ध्यान रखा गया है। दीवारों पर पेंटिंग करके सुंदरता में चांर चांद लगा दिए गए हैं। गांव वाले इसका श्रेय भाजपा विधायक बिजेंद्र सिंह को देते हैं।
स्कूल का किया गया कायाकल्प
ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह इस स्कूल का कायाकल्प किया गया है, वैसे ही अगर अन्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पर गौर किया जाए तो निश्चित ही सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों की सोच बदलेगी। लोग कहते हैं कि अब यहां स्टूडेंट्स को स्काउट गाइड की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इस वजह से स्कूलों में अब छात्रों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
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निजी स्कूलों में गए बच्चे वापस लौटे
गांच के रहने वाले राजवीर सिंह का कहना है कि यहां बच्चों की अच्छी पढ़ाई हो रही है। उनका कहना है कि यहां खाने-पीने की व्यवस्था अच्छी है। ग्राम प्रधान स्योराज सिंह विधायके के बड़े भाई हैं। दोनों ने स्कूल के सुधार में काफी दिलच्स्पी दिखाई है। वहीं, साहिल ठाकुर का कहना है कि पहले बच्चे पढ़ने के लिए गांव से बाहर निजी स्कूलों में जाते थे लेकिन अब यहां पढ़ाई का स्तर सुधरने और साफ-सर्फाइ की वजह से वापस आ गए हैं। वहीं, इस बारे में विधायक बिजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने उस्मापुर गांव को गोद लिया था। आज वह यहां की तमाम व्यवस्थाओं से संतुष्ट भी हैं।