सूबे में योगी सरकार बनने के बाद पुलिस द्वारा ताबड़तोड़ एनकाउंटर किए जाने के बाद भी बदमाशों में खौफ नजर नहीं आ रहा है।
बुलंदशहर। सूबे में योगी सरकार बनने के बाद पुलिस द्वारा ताबड़तोड़ एनकाउंटर किए जाने के बाद भी बदमाशों में खौफ नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि आए दिन प्रदेश में घटनाए घटित हो रही हैं। इतना ही नहीं, कई इलाकों में पुलिस के साथ अभद्रता व मारपीट के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अब बुलंदशहर जिले का सामने आया है। जहां गैरजमानती वारेंट लेकर वारन्टी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। जिसमें एक दरोगा, एक कांस्टेबल और एक होमगार्ड घायल हुआ है।
दरअसल, घटना बुलंदशहर के खुर्जा देहात कोतवाली क्षेत्र के बीचोला गांव की है। जहां पुलिस टीम वारंटी को पकड़ने गई थी। इस दौरान जैसे ही पुलिस ने वारन्टी को गिरफ्तार किया तो ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक खुर्जा देहात कोतवाली पुलिस क्षेत्र के बीचोला गांव में वारन्टी को पकड़ने गई थी। जैसे ही आरोपी ने खुद को पुलिस की गिरफ्त में आते देखा तो उसने शोर मचाकर ग्रामीणों मौके पर जमा कर लिया।
आरोप है कि मौके पर जमा ग्रामीणों ने ना सिर्फ पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाली बल्कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की। जिससे घटना में एक सब इंस्पेक्टर, एक कॉन्स्टेबल, और एक होमगार्ड घायल हो गए। पुलिस टीम पर हमले की सूचना के बाद भारी पुलिसबल मौके पर पहुंचा और घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना में खुर्जा देहात थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर गंभीर घायल बताये जा रहे हैं।
वहीं ग्रामीण महिला इस घटना को पुलिस पर दूसरा रूप देने का आरोप लगा रही हैं। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस गांव में वारन्टी को पकड़ने नहीं आई थी बल्कि शराब के नशे में पुलिसकर्मियों ने गांव में पानी दे रहे युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसके बाद पुलिसकर्मी और ग्रामीणों के बीच हिंसा हुई थी।
उधर, बुलंदशहर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण में एक दर्जन से अधिक लोगों को नामजद करते हुए 30-35 अज्ञातों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट मामला में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की बारीकी से जांच भी की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।