बूंदी

अन्न त्यागकर 23 साल का युवक कर रहा 900KM की दण्डवत यात्रा, जोधपुर से बागेश्वर जाने के लिए दिसंबर 2025 में निकला था

Rajasthan News: जोधपुर का 23 वर्षीय युवक अटूट आस्था और श्रद्धा के साथ करीब 900 किलोमीटर की दंडवत यात्रा पर निकला हुआ है। दिसंबर 2025 में शुरू हुई इस यात्रा के दौरान उसने अन्न का त्याग कर रखा है और केवल फलाहार के सहारे प्रतिदिन करीब 3 किलोमीटर दंडवत करते हुए बागेश्वर धाम जा रहे हैं।

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Jun 05, 2026
Jodhpur To Bageshwar
रामगंजबालाजी राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर मांगली नदी के निकट बागेश्वर धाम के लिए दंडवत यात्रा करता युवक का फोटो: पत्रिका

Unique Devotee Of Bageshwar Baba: यदि मनुष्य ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। आस्था और विश्वास के बल पर लोग ऐसे कार्य कर जाते हैं, जो सामान्य व्यक्ति के लिए कल्पना से परे होते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण जोधपुर जिले के निवासी 23 वर्षीय भवानी शंकर दाधीच पेश कर रहे हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और भक्ति के चलते करीब 900 किलोमीटर की दंडवत यात्रा का संकल्प लिया है। इस यात्रा की खास बात यह है कि उन्होंने अन्न का त्याग कर रखा है और केवल फलाहार के सहारे प्रतिदिन लगभग 3 किलोमीटर दंडवत यात्रा कर रहे हैं।

जोधपुर से बागेश्वर तक की पैदल दंडवत यात्रा

भवानी शंकर दाधीच ने बताया कि वर्ष 2025 में उन्होंने जोधपुर स्थित माताजी का अंगना से बागेश्वर धाम के लिए पैदल यात्रा की थी। यह यात्रा उन्होंने करीब दो माह में पूरी की। पैदल यात्रा के दौरान और उसके बाद उनके मन में बागेश्वर धाम के प्रति गहरी आस्था और विश्वास जागृत हुआ। इसी भावना के चलते उन्होंने 25 दिसंबर 2025 को दंडवत यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया।

पिता-पुत्र की जोड़ी बनी श्रद्धा और समर्पण की मिसाल

दंडवत यात्रा में उनके पिता ओम दाधीच भी हर कदम पर उनके साथ चल रहे हैं। भवानी शंकर जहां दंडवत करते हुए आगे बढ़ते हैं वहीं उनके पिता पैदल चलते हुए तीन पहियों वाले रथनुमा वाहन को साथ लेकर चलते हैं। इस वाहन में कपड़े, आवश्यक सामग्री और अन्य सामान रखा जाता है। पिता-पुत्र की यह जोड़ी श्रद्धा और समर्पण की मिसाल बन गई है।

भवानी शंकर प्रतिदिन लगभग 3 किलोमीटर दंडवत यात्रा करते हैं। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु उनके भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था कर देते हैं। वर्तमान में उन्होंने अन्न ग्रहण करना पूरी तरह छोड़ रखा है और केवल फलाहार के सहारे ही यात्रा जारी रखे हुए हैं। उनका कहना है कि बागेश्वर बालाजी धाम पहुंचने के बाद भगवान को भोग लगाने के पश्चात ही वे अन्न ग्रहण करेंगे।

5 महीने में पूरी की 400KM की यात्रा

उन्होंने बताया कि पिछले पांच माह में वह लगभग 400 किलोमीटर से अधिक की दंडवत यात्रा पूरी कर चुके हैं और बूंदी जिले में प्रवेश कर चुके हैं। उनका लक्ष्य करीब 900 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बागेश्वर धाम पहुंचना है। भवानी शंकर ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष पैदल यात्रा पूरी करने के बाद उन्होंने 41 दिनों तक निराहार रहकर साधना की थी। इसी दौरान उनके मन में दंडवत यात्रा का संकल्प पैदा हुआ। तब से वह लगातार अपनी आस्था और विश्वास के बल पर इस कठिन यात्रा को पूरा करने में जुटे हुए हैं। उनकी ये यात्रा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और दृढ़ संकल्प का अनूठा उदाहरण बन गई है।

Published on:
05 Jun 2026 02:21 pm