
Madan Dilawar Action On Officer Negligence: बूंदी जिले में निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए। मंत्री के निर्देश पर 11 ग्राम पंचायतों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। इससे पहले सीकर जिले में भी स्वच्छता और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जा चुकी है।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने जिले में विगत दिनों किए दौरे में भारी अनियमितताएं मिलने के बाद पंचायत समिति केशवरायपाटन, तालेड़ा तथा हिंडोली की 11 ग्राम पंचायत के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मंत्री मदन दिलावर द्वारा किसी भी जिले में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों के खिलाफ की गई प्रदेश की यह बड़ी कार्यवाही है।
जारी आदेश में केशवरायपाटन पंचायत समिति के विकास अधिकारी भानू प्रताप सिंह को निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय पंचायती राज विभाग जयपुर किया है, जबकि पंचायत समिति तालेड़ा नीता पारीक के विकास अधिकारी को एपीओ किया गया है, इनका मुख्यालय भी जयपुर किया गया है। पंचायत समिति हिंडोली, पंचायत समिति केशव राय पाटन व पंचायत समिति तालेड़ा के विकास अधिकारियों के खिलाफ 16 सीसीए की कार्यवाही भी शुरू की गई है।
उपरोक्त तीनों पंचायत समितियो के संबंधित नोडल अतिरिक्त विकास अधिकारी एवं सहायक अभियंताओं के विरुद्ध भी 16 सीसीए के अंतर्गत कार्यवाही शुरू की गई है। तीनों ही ग्राम पंचायत से संबंधित सभी कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को कार्य मुक्त करने की आदेश दिए गए हैं तथा उपरोक्त तीनों ब्लॉक के स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के जिला कोऑर्डिनेटर की सेवाएं भी समाप्त करने के आदेश दिए हैं।
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने पंचायत समिति तालेड़ा की ग्राम पंचायत जमीतपुरा, सुवासा, पंचायत समिति केशव राय पाटन की ग्राम पंचायत रडी एवं भीया तथा पंचायत समिति हिंडोली की ग्राम पंचायत धोबडा के प्रशासकों को पद मुक्त कर दिया है। पंचायत समिति तालेड़ा की ग्राम पंचायत देलुन्दा, सिंता, तीरथ तथा पंचायत समिति केशवरायपाटन की ग्राम पंचायत चडी, गुडली एवं लेसरदा के प्रशासकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
पंचायत समिति केशवराय पाटन की ग्राम पंचायत गुडली, चडी,रडी,भीया एवं लेसरदा तथा पंचायत समिति तालेड़ा की ग्राम पंचायत देलूंदा, सिंता, तीरथ,सुवास एवं जमीतपुरा तथा पंचायत समिति हिंडोली की ग्राम पंचायत धोबडा के ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करते हुए इनके खिलाफ 16 सीसीए की कार्यवाही शुरू करने की आदेश दिए है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देशानुसार उपरोक्त निलंबित किए गए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का मुख्यालय अन्य पंचायत समिति में रहेगा।
सभी 11 ग्राम पंचायत के संबंध में विगत 3 वर्षों में वित्तीय अयोगी के तहत स्वच्छता के लिए जारी बजट के संपूर्ण विवरण यथा किन-किन कार्यों व मदों में कितनी कितनी राशि खर्च की गई के साथ पत्रावली 7 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं । उल्लेखनीय है कि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने 9 मई को जिले की केशवरायपाटन, तालेड़ा एवं हिंडोली पंचायत समितियो का औचक निरीक्षण किया था तथा सफाई व्यवस्था की स्थिति बदहाल मिलने पर सख्त नाराजगी प्रकट की थी।
गौरतलब है कि इससे पहले सीकर जिले में भी मंत्री मदन दिलावर के दौरे के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 अधिकारियों को निलंबित किया था। स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। विभागीय आदेशों के तहत विभिन्न पंचायत समितियों के विकास अधिकारी, अतिरिक्त विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी और अभियंताओं को निलंबित किया गया था। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े कई को-ऑर्डिनेटरों को पदमुक्त करने और संबंधित जिला परिषद अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए थे। ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को हटाने के साथ कई ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी।