
बूंदी। जिले के केशवरायपाटन उपखंड क्षेत्र में मंगलवार शाम मौसम बदलने के बाद तेज अंधड़ और बारिश के बीच जलोदा गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। ईंटों से निर्मित पक्की दीवार ढहने से उसके नीचे दबकर एक किसान की मौत हो गई, जबकि उसकी पौत्री गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में तीन पशु भी मलबे के नीचे दब गए तथा एक ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार जलोदा गांव निवासी 57 वर्षीय छोटूलाल मीणा पुत्र किशनलाल मीणा अपनी 15 वर्षीय पौत्री तमन्ना मीणा पुत्री लेखराज के साथ घर के पास बने टीनशेड के नीचे खड़े थे। इसी दौरान तेज अंधड़ के चलते पास की ईंटों से निर्मित दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और दोनों उसके नीचे दब गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शुरुआत में पशुओं के दबने की आशंका थी, लेकिन मलबे के नीचे कपड़े दिखाई देने पर लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकालकर उपचार के लिए कोटा भेजा।
कोटा में उपचार के दौरान छोटूलाल मीणा की मृत्यु हो गई, जबकि तमन्ना का उपचार जारी है। हादसे में तीन पशु भी मलबे में दब गए और ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचा। क्षेत्र में रात तक तेज गर्जना के साथ बारिश का दौर जारी रहा। अचानक बदले मौसम और तेज अंधड़ से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित रहा।
बूंदी जिले के तालेड़ा उपखंड के सुवासा कस्बे में शाम करीब 6 बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू होने से कुछ समय के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। करीब 10 मिनट तक चली तेज बारिश और आंधी से बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर निकल रहे राहगीरों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए दुकानों, मकानों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। तेज हवाओं के कारण कई जगह धूल उड़ने लगी, जिससे वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अचानक बदले मौसम से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि तेज आंधी के कारण कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। बारिश थमने के बाद बाजारों में सामान्य गतिविधियां फिर शुरू हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बीच हुई इस बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। किसानों ने भी इसे खरीफ फसलों की तैयारी के लिए लाभकारी बताया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है।