पुलिस अधीक्षक ने किया नवाचार-रात को अपराध करने वालों की नहीं खैर
बूंदी. रात के समय शहर में होने वाली आपराधिक वारदातों पर पुलिस ने लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। सर्दी की इन रातों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगाह से बदमाशों का अब पुलिस से बचकर निकल पाना मुश्किल हो जाएगा। इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु ने नई गश्त व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की है। 10से 12 पुलिस की अतिरिक्त गाडिय़ों को गश्त में लगाने का फैसला करते हुए इन्हें शहर की अलग-अलग बीटों में बांटा गया है। अपराधियों से निपटने के लिए जवानों को पंप एक्शन गन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें पुलिस लाइन के जवानों सहित अधिकारी, बीट अधिकारी, थानाधिकारी व सुपरवाइजर अधिकारी को लगाया जाएगा।
प्रमुख स्थानों पर रहेगी निगाह
नई व्यवस्था के तहत शहर को एक बीट न मानते हुए छोटी-छोटी बीटों में बांटा है। रात की गश्त में १० से १२ पुलिस वाहनों में लगभग ४० सशत्र जवान पुलिस लाइन के शामिल होंगे, जो रात को ११ से सुबह ५ बजे तक शहर के प्रमुख स्थल, बैंक, ज्वैलरी शॉप, मंदिर व मस्जिद सहित कई इलाकों में निगाह रखेंगे।
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गन चलाने का दिया प्रशिक्षण
बढ़ते अपराध व अपराधियों की हिंसक प्रवृत्ति को देखते हुए पुलिस जवानों को भी हर विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। रविवार को पुलिस लाइन परिसर में जिला पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा ने रात्रि गश्त के लिए चयनित ४० पुलिस जवानों को एंटी रायड १२ बोर पंप एक्शन गन चलाने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि इस गन के उपयोग से किसी की जान नहीं जाती, बंदूक से रबर की गोली निकलती है जो अपराधी को सिर्फ घायल करती है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वर्मा ने गन से तीन राउंड फायर करके जवानों को उसका उपयोग करना सिखाया।
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-जिला पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु ने बताया कि शहर में रात के समय होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए गश्त की नई व्यवस्था शुरू की है। रात को १० से १२ पुलिस वाहनों में चालीस सशस्त्र जवान शहर के हर प्रमुख स्थान पर निगाह रखेंगे। इसके लिए शहर को अलग-अलग बीटों में बांटा है। अपराधियों से निपटने के लिए जवानों को पंप एक्शन गन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।