कनिष्ठ अभियंता सहित पांच जनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय
बूंदी. जल संकट की पीड़ा बताने गए जनप्रतिनिधियों के साथ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय में हुई मारपीट के मामले में बूंदी नगर परिषद की गुरुवार को आपात बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से घटना की निंदा करते हुए सभी दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय किया गया। बैठक की अध्यक्षता सभापति महावीर मोदी ने की। मोदी ने मौजूद पार्षदों को आश्वस्त किया कि इस प्रकार की घटना फिर नहीं हो ऐसी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले कर्मचारी को मौके पर ठीक करेंगे। नहीं मानने पर बाजार में निपटेंगे।
मोदी ने कहा कि नगर परिषद के जनप्रतिनिधि कोई भी परेशानी बताने जाएं तो एक बार अवगत जरूर कराएं। पार्षद टीकम जैन ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी मनोज सक्सेना, भगवान सिंह, मूलचंद, शब्बीर बोहरा के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग रखी, जिसे प्रस्ताव में शामिल किया गया। मारपीट में शामिल चारों कर्मचारी व कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। पार्षद ज्योति गुर्जर ने कहा कि पानी की मांग करने गए जनप्रतिनिधि को कमरे में बंद कर पांचों जनों ने बेरहमी से मारा है और पुलिस ने उल्टे उसी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपितों को खुले में छोड़ रखा है। इनकी जल्द गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष लोकेश ठाकुर ने घटना को निंदनीय बताते हुए कठोर कार्रवाई का प्रस्ताव रखा। पार्षद रोहित बैरागी, मोहम्मद रईस ने भी कार्रवाई की मांग रखी। बाद में सर्वसम्मति से मामले की जांच आयुक्त को सौंपकर पांचों जनों के खिलाफ प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय किया गया।