शंकराचार्य स्वरूपानंद के जोशी मठ का निर्माण इन्होंने ने ही किया था। झुंझुनूं, बगड़ व नरहड़ की दरगाहों के बुलंद दरवाजों, पंचदेव मंदिर,गायत्री मंदिर, खेमी शक्ति, राणी शक्ति मंदिरों के सिंहद्वारों पर बेहतरीन ढंग से उकेरी गई मूर्तियां भी दीवाना की उस नन्हीं कूंची पर नाज करती हैं। मध्यप्रदेश की परमहंस गंगा के निर्माण पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व झुंझुनूं में होने वाले शेखावाटी हस्तशिल्प मेले में भी दीवाना को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।