राजस्थान दिवस पर रन फॉर राजस्थान, बही भक्ति संगीत की बयार
बूंदी.राजस्थान दिवस के उपलक्ष में शुक्रवार को खेल संकुल से नवल सागर तक रन फॉर राजस्थान का आयोजन किया गया। दौड़ को अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश कुमार मालव ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट गाइड, खिलाडी, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं आमजन ने जय जय राजस्थान के उद्घोष के साथ राजस्थान के लिए दौड़ लगाई। इस बीच रैली में शामिल लोग राजस्थान तथा बूंदी की धरोहरों के जयघोष करते रहे।
रन फॅार राजस्थान के तहत निकाली गई यह दौड़ खेल संकुल से आरंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों खोजागेट, इन्द्रा मार्केट, चौमुखा बाजार होते हुए नवल सागर पार्क पहुंचकर सम्पन्न हुई। दौड़ में शामिल लोगों में रन फॉर राजस्थान को लेकर उत्साह नजर आ रहा था और सभी बिना थके और बिना रूके नवलसागर पहुंचे।
इस अवसर पर इंटेक संयोजक विजयराज सिंह, जिला खेल अधिकारी सुरेन्द्र सिंह, उपनिदेशक शस्य शंकरलाल जांगिड़, वॉलीबॉल कोच वाई.बी. सिंह, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी ओ.पी. गोस्वामी, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेमशंकर सैनी, एडवोकेट राजकुमार दाधीच , कुंजबिहारी बील्या सहित आमजन मौजूद रहे। इससे पूर्व नागर सागर कुण्ड पर शहनाई वादन का आयोजन भी किया गया।
इतिहास से हुए रूबरू, प्रश्नों के उत्तर दिए, पुरस्कार पाये
नवल सागर पार्क में राजस्थान दिवस के उपलक्ष में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इस दौरान उपस्थितों को बूंदी और राजस्थान के इतिहास के बारे में रोचक जानकारियों से रूबरू करवाया गया।
इस दौरान अतिथियों ने राजस्थान तथा बूंदी के इतिहास से जुड़े प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वालो विजेताओं को अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ममता तिवाड़ी, पुलिस उपाधीक्षक समदर सिंह सहित अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर इंटेक सयोजक विजयराज ङ्क्षसह, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट राजकुमार दाधीच ने किया।
बही भक्ति संगीत की बयार
राजस्थान दिवस के उपलक्ष में गुरूवार की रात चारभुजा मंदिर पर भक्ति संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश कुमार मालव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ममता तिवाड़ी ने शिरकत कर चारभुजानाथ की पूजा अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद सुंदर काण्ड का पाठ शुरू हुआ और कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान पुरूषोत्तमलाल पारीक आदि मौजूद रहे।