बूंदी

रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व: मां के बिना पला बाघ बना जंगल का राजा, 41 KM में बनाई रेंज; किए आधा दर्जन शिकार

बूंदी के रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व में बिना मां के पले बाघ RVT-7 ने कमाल कर दिखाया है। 2 महीने पहले जंगल में छोड़े जाने के बाद उसने 41 वर्ग किमी में अपनी टेरिटरी बना ली है। अब तक आधा दर्जन शिकार कर चुके RVT-7 का सामना सीनियर बाघ RVT-1 से भी हुआ, लेकिन बिना संघर्ष के उसने अपनी धाक जमा ली।
2 min read
Sep 01, 2026
ramgarh vishdhari tiger reserve
गुढ़ानाथावतान क्षेत्र के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में सेंट मार्क करता रिवाइल्ड बाघ आरवीटी-7 (पत्रिका फोटो)

Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve: बूंदी: राजस्थान के चौथे और तेजी से उभरते रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण को लेकर उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रदेश में पहली बार वन विभाग को बिना मां के पले एक बाघ शावक को पूरी तरह से जंगल के अनुकूल ढालने (री-वाइल्डिंग) में सफलता मिली है। वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए तैयार किए गए इस युवा नर बाघ RVT-7 को 23 जून को टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक वन क्षेत्र में 'हार्ड रिलीज' किया गया था। महज दो महीनों के भीतर ही इस बाघ ने न केवल जंगल की कठिन परिस्थितियों से तालमेल बिठा लिया है, बल्कि अपनी टेरिटरी बनाने के स्पष्ट संकेत भी दिए हैं।

41 वर्ग किमी में घूमकर किए आधा दर्जन शिकार

वन विभाग की ओर से सेटेलाइट रेडियो कॉलर के जरिए बाघ की 24 घंटे निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। प्राप्त मूवमेंट मैप से पता चला है कि RVT-7 अब तक लगभग 41 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में घूम चुका है और उसने आधा दर्जन शिकार भी किए हैं।

वन अधिकारियों के अनुसार, कुछ खास इलाकों में बाघ की गतिविधियां नियमित रूप से केंद्रित होने लगी हैं। इसके अलावा, बाघ द्वारा पेड़ों पर पंजों से खरोच बनाने और सेंट स्प्रे करने जैसे ठेठ टेरीटोरियल व्यवहार भी देखे जा रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि वह प्राकृतिक रूप से आत्मनिर्भर हो चुका है।

RVT-1 के साथ आमना-सामना

टाइगर रिजर्व के लिए सबसे राहत देने वाली बात यह रही कि RVT-7 का सामना इस जंगल में अब तक एकछत्र राज करने वाले वरिष्ठ नर बाघ RVT-1 से दो-तीन बार हुआ। इसके बावजूद, दोनों शक्तिशाली नर बाघों के बीच किसी भी प्रकार की हिंसा या आक्रामक संघर्ष नहीं देखने को मिला। RVT-7 अन्य बाघों के गतिविधि क्षेत्रों में आने-जाने के बाद भी बिना किसी टकराव के अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है।

बाघिन RVT-6 के साथ देखा गया

जंगल में RVT-7 की स्वीकार्यता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि इसे ज्यादातर टाइगर रिजर्व की युवा बाघिन RVT-6 के साथ घूमते हुए देखा गया है। इतना ही नहीं, दोनों के बीच मैटिंग (प्रजनन) व्यवहार भी रिकॉर्ड किया गया है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि री-वाइल्डिंग की प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही है और बाघ का प्राकृतिक व्यवहार वन्य परिस्थितियों के बिल्कुल अनुकूल हो चुका है।

रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघ RVT-7 की यह वैज्ञानिक री-वाइल्डिंग बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक उपलब्धि है। बाघ की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
-सुगनाराम जाट, वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व

Updated on:
01 Sept 2026 02:53 pm
Published on:
01 Sept 2026 02:53 pm