Salary Hike: 8वें वेतन आयोग में कर्मचारी संगठनों ने 3490 कैलोरी के ICMR मानक को वेतन निर्धारण का आधार बनाने की मांग की है। इससे रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजों के आधार पर सैलरी तय की जा सकेगी।
8th Pay Commission, Salary Hike: केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी तय करने में इस बार एक नया फॉर्मूला बड़ी भूमिका निभा सकता है। 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने मांग रखी है कि न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 3490 कैलोरी वाले पोषण मानक को आधार बनाया जाए। अगर यह मांग मान ली जाती है तो सैलरी सीधे रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुओं जैसे दूध, सब्जी और अनाज की बढ़ती कीमतों से जुड़ जाएंगी।
अब तक के वेतन आयोगों में सैलरी तय करने के लिए डॉ. वैलेस एकरॉयड के फॉर्मूले का इस्तेमाल होता था, जो करीब 2700 कैलोरी की दैनिक जरूरत पर आधारित था। लेकिन नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे अपने मेमोरेंडम में साफ लिखा है कि यह फॉर्मूला अब पुराना हो चुका है। संगठन का कहना है कि इसमें आज की जीवन-शैली, महंगाई और बदलती खाद्य कीमतों का असर नहीं दिखता।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन (NIN) ने हाल ही में अपडेटेड डाइटरी गाइडलाइंस जारी की हैं। इनमें शारीरिक गतिविधि के आधार पर तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। 19 से 39 साल के वयस्कों के लिए दैनिक कैलोरी जरूरत इस प्रकार है।
| बेंचमार्क | पुरुष (kcal/दिन) | महिला (kcal/दिन) |
|---|---|---|
| सेडेंटरी (कम शारीरिक श्रम) | 2110 | 1660 |
| मध्यम गतिविधि | 2710 | 2130 |
| भारी गतिविधि | 3470 | 2720 |
कर्मचारी संगठनों ने भारी गतिविधि वाले बेंचमार्क को आधार बनाने की मांग की है। उनका तर्क है कि सरकारी सेवा में फील्ड वर्क, लंबा सफर, कामकाजी तनाव और नियमित शारीरिक मेहनत शामिल होती है, जिसमें रोजाना ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है।
ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने अपने मेमोरेंडम में कैलोरी और खाद्य खर्च की गणना के आधार पर एक विस्तृत प्रस्ताव दिया है। फेडरेशन के मुताबिक, प्रति सदस्य 6000 रुपये और 5 लोगों की फैमिली के आधार पर खर्च 30,000 रुपये बनता है। इस पर करीब 58 फीसदी डियरनेस अलाउंस यानी DA जोड़ने के बाद यह आंकड़ा करीब 47,400 रुपये तक पहुंचता है।
इसके अलावा जब इसमें स्वास्थ्य खर्च, बच्चों की पढ़ाई और आधुनिक जीवन की अन्य जरूरतें जोड़ी जाती हैं, तो फेडरेशन का कहना है कि वैज्ञानिक आधार पर तय न्यूनतम वेतन 55,000 से 60,000 रुपये के बीच होना चाहिए। फेडरेशन ने प्रस्ताव में यह भी कहा कि मौजूदा न्यूनतम वेतन महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुकाबले अपर्याप्त हो चुका है।
8वें वेतन आयोग से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स समेत 1.1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी सीधे प्रभावित होंगे। भारत में अब तक सात वेतन आयोग गठित हो चुके हैं। पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 में बना था और तब से करीब हर 10 साल पर नया आयोग बनाने की परंपरा रही है। 8वां वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था।