
RSCWS Demands: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए गठित 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के सामने अब पेंशन से जुड़े कई अहम मुद्दे उठने लगे हैं। अगले कुछ दिनों में नई दिल्ली में तीन दिन की बैठक होगी और उसके बाद सितंबर में चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में चर्चाएं होंगी। इस बीच, रेलवे सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) ने 8वें वेतन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पेंशनभोगियों की कई अहम शिकायतों का जिक्र किया गया है। RSCWS का कहना है कि कर्मचारियों की सैलरी में बेसिक पे का हिस्सा बढ़ाया जाए और भत्तों (Allowances) पर अत्यधिक निर्भरता कम की जाए, ताकि रिटायर्मेंट के बाद पेंशन पर निगेटिव असर न पड़े। हालांकि, यह केवल RSCWS की ओर से दिया गया सुझाव है। आयोग और केंद्र सरकार ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।
RSCWS का कहना है कि मौजूदा वेतन ढांचे में कई कर्मचारियों की कुल आय का बड़ा हिस्सा विभिन्न भत्तों से आता है। लेकिन अधिकांश भत्ते पेंशन की गणना में शामिल नहीं होते। ऐसे में रिटायर्मेंट के बाद कर्मचारियों को मिलने वाली रकम में बड़ी गिरावट आ जाती है। संगठन का मानना है कि यदि बेसिक वेतन का हिस्सा बढ़ाया जाए तो कर्मचारियों को रिटायर्मेंट के बाद बेहतर पेंशन और वित्तीय सुरक्षा मिल सकेगी।
8वें वेतन आयोग को गठित हुए लगभग नौ महीने पूरे हो चुके हैं। आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं। आयोग दिल्ली, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में विभिन्न यूनियनों से चर्चा कर चुका है। अब आने वाले दिनों में नई दिल्ली में तीन दिवसीय बैठक होगी, जबकि सितंबर में चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में भी बैठकों का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन बैठकों के बाद आयोग अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। फिलहाल आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की संभावना जताई जा रही है।