
Ather Energy Share Price: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली एथर एनर्जी (Ather Energy) के शेयरों में मंगलवार को 16 फीसदी तक की जोरदार तेजी देखने को मिली। इस तेजी के चलते कंपनी का शेयर अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। यह तेजी कंपनी के जून तिमाही के अच्छे नतीजों के बाद आई है। कंपनी का घाटा एक साल पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है। वहीं, रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है। एथर एनर्जी पर नजर रखने वाले एनालिस्ट्स ने शेयर को 'Buy' की रेटिंग दी है।
जून तिमाही में एथर एनर्जी को 51 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 178 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। यानी कंपनी का घाटा काफी हद तक कम हो गया। दूसरी तरफ कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 89 फीसदी बढ़कर 1,217 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 645 करोड़ रुपये था। इसके अलावा कंपनी के EBITDA घाटे में भी कमी आई है। यह घटकर 33 करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 134 करोड़ रुपये था। एडजस्टेड ग्रॉस मार्जिन सालाना आधार पर 82.3 फीसदी बढ़कर 282 करोड़ रुपये हो गया। खास बात यह रही कि इस तिमाही में कंपनी एडजस्टेड EBITDA के मामले में मुनाफे में आ गई।
शेयर बाजार के खुलते ही NSE पर कंपनी के शेयर में 16.23 फीसदी की तेजी देखने को मिली, जिससे इसने अपने 52 हफ्ते के नए उच्च स्तर 1,500 रुपये को छू लिया। इसके बाद सुबह 10 बजे शेयर 13.45 फीसदी या 171.20 रुपये की तेजी के साथ 1,443.90 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। इस शेयर ने पिछले 1 हफ्ते में 20.12 फीसदी, 1 महीने में 27.78 फीसदी और 1 साल में 264.67 फीसदी का रिटर्न दिया है।
| ब्रोकरेज फर्म | रेटिंग | टार्गेट प्राइस |
|---|---|---|
| CLSA | Outperform | ₹1,600 |
| HSBC | Buy | ₹1,450 |
| Nomura | Buy | ₹1,714 |
नोमुरा ने एथर को टू-व्हीलर EV सेक्टर में अपनी पसंदीदा कंपनी बताते हुए मार्केट में सबसे ज्यादा टार्गेट प्राइस दिया। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का पहली तिमाही के EBITDA मार्जिन -2.7 फीसदी उसके अनुमान -5.6 फीसदी से काफी बेहतर है। CLSA का कहना है कि कंपनी के पास हर महीने करीब 50,000 यूनिट की बुकिंग आ रही है, जबकि मौजूदा उत्पादन क्षमता सिर्फ 35,000 यूनिट प्रति माह है। इसका मतलब है कि कंपनी की दिक्कत मांग की कमी नहीं, बल्कि उत्पादन क्षमता की सीमा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 की तीसरी तिमाही से शुरू होने वाली नई फैक्ट्री जिसकी 5 लाख यूनिट सालाना क्षमता होगी। उससे मार्जिन में सुधार आएगा।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)