
LIC के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। (PC: AI)
LIC Stock Falls: सरकार ने देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका असर कंपनी के शेयर में भी देखने को मिला। मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही एलआईसी का शेयर करीब 9% तक टूट गया। एनएसई पर सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर यह शेयर 8.28 फीसदी या 35.50 रुपये की गिरावट के साथ 393 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। सरकार ने सोमवार को बताया था कि वह ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए पहले 2.5% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर निवेशकों की ओर से अच्छी मांग आती है, तो ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। यानी कुल मिलाकर सरकार 6.5% तक हिस्सेदारी बेच सकती है।
इस OFS के लिए 382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है। यह कीमत सोमवार को एनएसई पर LIC के 428.50 रुपये के बंद भाव से करीब 11% कम है। इसी वजह से शेयर पर दबाव बढ़ा और कारोबार के दौरान इसमें तेज गिरावट देखने को मिली। अगर ग्रीन शू ऑप्शन समेत पूरे 82 करोड़ शेयर बिक जाते हैं, तो सरकार को करीब 31,410 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। संस्थागत निवेशकों के लिए यह OFS 4 जुलाई से खुल गया है, जबकि खुदरा निवेशक 5 जुलाई को इसमें आवेदन कर सकेंगे।
30 जून 2026 तक उपलब्ध शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, LIC में सरकार की हिस्सेदारी 96.5% है। दूसरी ओर, करीब 20.92 लाख रिटेल निवेशकों के पास कंपनी की 1.55% हिस्सेदारी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हिस्सेदारी बिक्री का मकसद सिर्फ धन जुटाना नहीं है। सरकार लिस्टेड कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी के नियमों को भी पूरा करना चाहती है। LIC में सरकार की हिस्सेदारी काफी अधिक है, इसलिए समय के साथ पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाना जरूरी है। इससे पहले भी सरकार कोल इंडिया, NHPC, NLC इंडिया समेत कई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेच चुकी है।
DIPAM के सचिव अरुणिश चावला ने कहा कि LIC देश के वित्तीय क्षेत्र की सबसे मजबूत संस्थाओं में से एक है। यह भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी होने के साथ ही बाजार पूंजीकरण के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक उपक्रम भी है। उन्होंने कहा कि एलआईसी को भारत का चौथा सबसे मूल्यवान ब्रांड और दुनिया का तीसरा सबसे मजबूत इंश्योरेंस ब्रांड माना जाता है। कंपनी ने 24 घंटे के भीतर सबसे अधिक जीवन बीमा पॉलिसियां बेचने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है, जो लोगों के भरोसे और उसके मजबूत नेटवर्क को दिखाता है।
OFS की घोषणा से पहले सोमवार को एलआईसी का शेयर 428.50 रुपये पर बंद हुआ था। पिछले एक सप्ताह में इसमें हल्की बढ़त देखने को मिली, जबकि एक महीने के दौरान शेयर लगभग सपाट रहा। अगर लंबी अवधि की बात करें तो पिछले एक साल में शेयर 4% से ज्यादा कमजोर हुआ है। हालांकि, तीन साल में इसने 30% से अधिक रिटर्न दिया है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप करीब 5.42 लाख करोड़ रुपये है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
04 Aug 2026 11:13 am
Published on:
04 Aug 2026 11:11 am
