
Changes from 1st August: हर महीने की पहली तारीख कुछ नए बदलाव लेकर आती है। ये बदलाव आपकी जब पर भी असर डाल सकते हैं। इस बार 1 अगस्त कई अहम बदलावों के साथ आ रहा है। गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर रेलवे की तत्काल टिकट व्यवस्था, क्रेडिट कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न और बैंकिंग KYC तक कई ऐसे बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका असर करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है। अगर आप गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, ट्रेन से सफर करते हैं, क्रेडिट कार्ड चलाते हैं या टैक्स भरते हैं, तो इन नए नियमों की जानकारी आपके लिए जरूरी है।
भारतीय रेलवे 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में बदलाव लागू कर रहा है। अब रिजर्वेशन काउंटर पर टोकन बांटने का समय तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय के साथ जोड़ा गया है। पहले यात्रियों को टोकन लेने के लिए अलग लाइन में लगना पड़ता था और फिर टिकट बुकिंग के लिए दोबारा इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था से भीड़ कम होगी, समय बचेगा और टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पहले से ज्यादा व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
कोटा डिविजन में सीनियर डीसीएम सौरभ जैन के अनुसार, एसी क्लास के लिए टोकन सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच मिलेंगे। जबकि नॉन एसी क्लास के लिए टोकन सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच मिलेंगे। प्रत्येक रिजर्वेशन काउंटर एसी तत्काल के लिए 10 टोकन और नॉन एसी तत्काल बुकिंग्स के लिए 15 टोकन जारी करेगा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, वेतनभोगी कर्मचारियों और ऐसे व्यक्तिगत करदाताओं, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। यदि कोई करदाता ITR-1 या ITR-2 जैसे रिटर्न 31 जुलाई के बाद दाखिल करता है, तो उसे आयकर नियमों के अनुसार लेट फीस देनी होगी। जुर्माने की राशि करदाता की आय के आधार पर तय होगी।
बैंक, बीमा कंपनियां और म्यूचुअल फंड संस्थान अब CKYC 2.0 लागू कर रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत ग्राहक की अनुमति मिलने पर वित्तीय संस्थान केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से सीधे उसकी सत्यापित KYC जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि हर बार नया बैंक खाता खोलने, बीमा पॉलिसी खरीदने या अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए दस्तावेजों की हार्ड कॉपी बार-बार जमा नहीं करनी पड़ेगी। इससे KYC प्रक्रिया तेज होगी, कागजी काम कम होगा और डिजिटल बैंकिंग पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 अगस्त को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और तेल उत्पादक देशों से जुड़ी वैश्विक परिस्थितियों का असर LPG की कीमतों पर पड़ता है। अगर कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होता है, तो होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने के कारोबार की लागत बढ़ सकती है। ऐसे में बाहर भोजन करना या ऑनलाइन फूड मंगवाना महंगा होने की संभावना रहती है।
अगस्त की शुरुआत के साथ कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव कर रहे हैं। कुछ बैंक रिवॉर्ड प्वाइंट्स का फ्रेमवर्क बदल सकते हैं। वहीं, सालाना शुल्क और कुछ सर्विस चार्जेज में भी संशोधन किया जा सकता है। ऐसे में कार्डधारकों को अपने बैंक की नई शुल्क सूची और स्टेटमेंट जरूर देखने चाहिए। छोटे-छोटे चार्ज भी महीने के अंत में बड़ा असर डाल सकते हैं।