
Bajaj Finance Share Brokerage View: जून 2026 तिमाही के अच्छे नतीजों ने बजाज फाइनेंस के शेयरों में नई जान डाल दी है। शुक्रवार सुबह कंपनी के शेयर में अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली है। सुबह 10 बजे एनएसई पर यह शेयर 6.65 फीसदी या 70 रुपये की बढ़त के साथ 1123.60 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। मजबूत मुनाफा, बढ़ती लोन बुक और घटते एनपीए ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि कारोबार की रफ्तार लगातार बनी हुई है। इसी वजह से शेयर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
बजाज फाइनेंस का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 27.4% बढ़कर 5,986 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी ने 4,699 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 23% बढ़कर 12,571 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 10,288 करोड़ रुपये थी। यानी कंपनी की लेंडिंग से होने वाली कमाई लगातार बढ़ रही है।
किसी भी फाइनेंस कंपनी के लिए सबसे अहम बात उसकी एसेट क्वालिटी होती है और इस मोर्चे पर भी बजाज फाइनेंस ने अच्छा परफॉर्म किया है। जून तिमाही में कंपनी का ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 0.96% रह गया, जो मार्च तिमाही में 1.03% था। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) भी घटकर 0.39% पर आ गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 0.50% था। यह बताता है कि कंपनी के खराब कर्ज में कमी आई है। यह एक अच्छा संकेत है।
बजाज फाइनेंस की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी मजबूत रफ्तार से बढ़ी है। यह एक साल पहले के 4.41 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 5.46 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। यानी करीब 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान गोल्ड लोन, कमर्शियल व्हीकल फाइनेंस और ट्रैक्टर फाइनेंस कारोबार का रहा।
तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने बजाज फाइनेंस पर अपनी रेटिंग बढ़ाकर 'BUY' कर दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1,300 रुपये का टार्गेट प्राइस तय किया है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 23% तक की संभावित तेजी का अनुमान लगाया गया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने इस तिमाही में लगभग हर मोर्चे पर अच्छा परफॉर्म किया है। लोन ग्रोथ मजबूत रही, एसेट क्वालिटी में सुधार जारी है, क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रित रही और मार्जिन भी बेहतर बने हुए हैं। उतार-चढ़ाव वाले आर्थिक माहौल के बावजूद कंपनी की उधारी लागत स्थिर रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, बजाज फाइनेंस आने वाले वर्षों में लगातार मजबूत कमाई करने की स्थिति में दिखाई दे रही है। इसकी वजह व्यापक कारोबार वृद्धि, बेहतर मुनाफा और लगातार सुधरती एसेट क्वालिटी को माना गया है। इसी भरोसे के साथ ब्रोकरेज ने शेयर पर खरीदारी की सलाह दोहराई है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)