कारोबार

BPCL Q1 Results: पहली तिमाही में बीपीसीएल को हुआ 3,962 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा, उधर रेवेन्यू 23% उछला, जानिए शेयर का हाल

BPCL Q1 Net Loss: ऑयल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 3,962.13 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ है। कंपनी ने इस घाटे की वजह क्रूड ऑयल के दामों में हुई बढ़ोतरी को बताया।
2 min read
• •
Updated: 22 Jul 2026, 4:41 PM IST
BPCL Q1 Results 2026
BPCL के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। (फोटो: AI)

BPCL Share Price Fall Today: भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) ने आज वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपनी कमाई की जानकारी दी। BPCL ने बताया कि उसे जून तिमाही में 3,962.13 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ है। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 6,123.93 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। कंपनी के मुताबिक यह घाटा क्रूड ऑयल के दामों में हुई बढ़ोतरी की वजह से हुआ है।

रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी

हालांकि, नतीजों से पता चलता है कि कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल-जून तिमाही में बीपीसीएल का रेवेन्यू 1,59,479.28 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के दौरान के 1,29,577.89 करोड़ रुपये के मुकाबले 23 फीसदी ज्यादा है। मार्च तिमाही के 1,35,960.14 करोड़ रुपये की तुलना में भी यह करीब 18 प्रतिशत ज्यादा है। इसके बावजूद बढ़ी हुई लागत के कारण कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा। इससे पहले जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बीपीसीएल ने 3,191.49 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था।

बीपीसीएल के शेयर में गिरावट (BPCL Share Price)

कमजोर तिमाही नतीजों और क्रूड ऑयल के दामों में आए भारी उछाल के चलते शेयर में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को बीपीसीएल का शेयर 1.68 फीसदी या 5.35 रुपये की गिरावट के साथ 314 रुपये पर बंद हुआ।

फ्यूल कारोबार पर बढ़ा दबाव

ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि जून तिमाही में बीपीसीएल के ऑयल मार्केटिंग कारोबार पर काफी दबाव रहा। पेट्रोल और डीजल की बिक्री में बड़ी अंडर-रिकवरी का अनुमान लगाया गया है। घरेलू एलपीजी पर भी पहले की तुलना में ज्यादा नुकसान होने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह ऊंचे कच्चे तेल के दाम और पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं होना है।

Crude Oil के दाम लगातार बढ़ रहे

क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें BPCL जैसी तेल मार्केटिंग कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। आज ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
22 Jul 2026, 4:41 PM IST
Published on: