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Pensioners घर बैठे मोबाइल से जमा कर सकते हैं अपना जीवन प्रमाण पत्र, जानिए क्या है प्रोसेस और कब है लास्ट डेट

Digital Life Certificate: पेंशनर्स को 2026 में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की समय सीमा का ध्यान रखना होगा। 80 साल या उससे अधिक उम्र के लोग 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक, जबकि 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 से 30 नवंबर तक इसे जमा कर सकते हैं।
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भारत

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Pawan Jayaswal

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Updated: 31 Oct 2026, 1:04 PM IST

Digital Life Certificate

30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं। (PC: AI)

पेंशन पाने वाले बुजुर्गों को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। ऐसा नहीं करने पर पेंशन मिलने में परेशानी आ सकती है। अच्छी बात यह है कि अब इसके लिए बैंक या सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। पेंशनर्स अपने स्मार्टफोन से घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनवा सकते हैं। केंद्र सरकार की जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) सुविधा के जरिए आधार और फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से यह काम ऑनलाइन किया जा सकता है। खास बात यह है कि 1 नवंबर 2026 से देश के ज्यादातर पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। ऐसे में समय रहते यह काम पूरा करना जरूरी है, ताकि पेंशन मिलने में कोई रुकावट न आए।

कब जमा करना है लाइफ सर्टिफिकेट?

पेंशनर्स की उम्र के हिसाब से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की तारीख अलग-अलग रखी गई है। 80 साल या इससे ज्यादा उम्र के पेंशनर्स 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। इसलिए अगर आपने अभी तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं किया है, तो आखिरी दिनों का इंतजार न करें। समय रहते इसे जमा करने से किसी तकनीकी परेशानी या दूसरी दिक्कत के कारण होने वाली देरी से बचा जा सकता है।

देश के 2,000 शहरों और जिलों में चलेगा अभियान

पेंशनर्स को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने में मदद देने के लिए पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 से 30 नवंबर 2026 तक देशभर में विशेष अभियान चलाएगा। यह डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान का पांचवां चरण है। इसके तहत देश के 2,000 शहरों और जिलों में पेंशनर्स तक इस सुविधा को पहुंचाने की योजना है। इस अभियान में पेंशन बांटने वाले बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA), रेलवे, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), दूरसंचार विभाग, राज्य सरकारें और UIDAI समेत कई सरकारी संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।

अभियान का मुख्य जोर फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को बढ़ावा देने पर है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा UIDAI तकनीकी मदद उपलब्ध कराएंगे। इसका मकसद दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों तक भी डिजिटल सुविधा पहुंचाना है।

मोबाइल से कैसे बनाएं डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट?

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के लिए पेंशनर्स को आधार बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके लिए स्मार्टफोन, इंटरनेट और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूरी है। आइए इसका प्रोसेस जानते हैं:

स्टेप 1: सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आपका आधार नंबर पेंशन खाते से जुड़ा हुआ है। आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी चालू होना चाहिए, क्योंकि प्रोसेस के दौरान OTP की जरूरत पड़ सकती है।

स्टेप 2: फेस ऑथेंटिकेशन के लिए इंटरनेट कनेक्शन और फ्रंट कैमरे वाला स्मार्टफोन चाहिए।

स्टेप 3: फोन में AadhaarFaceRD और Jeevan Pramaan Face App इंस्टॉल करें। ऐप डाउनलोड करते समय आधिकारिक सोर्स का ही इस्तेमाल करें।

स्टेप 4: जीवन प्रमाण फेस ऐप खोलें। इसमें मांगी गई आधार और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भरें। इसके बाद ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।

स्टेप 5: अब पेंशनर्स को अपनी पेंशन से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें पेंशनर का प्रकार, PPO नंबर, बैंक और पेंशन देने वाली एजेंसी की जानकारी शामिल हो सकती है।

स्टेप 6: ऐप में दिए गए निर्देशों के अनुसार फोन के फ्रंट कैमरे से अपना चेहरा स्कैन करें। बेहतर रोशनी वाली जगह पर बैठकर प्रोसेस पूरी करें और स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।

स्टेप 7: प्रोसेस सफल होने पर एक यूनिक प्रमाण आईडी जनरेट होती है। इसके साथ ट्रांजैक्शन आईडी का SMS भी मिल सकता है। इसे संभालकर रखें।

स्टेप 8: जीवन प्रमाण की आधिकारिक वेबसाइट jeevanpramaan.gov.in पर जाकर अपनी आईडी की मदद से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट डाउनलोड किया जा सकता है।

स्टेप 9: सर्टिफिकेट बन जाने के बाद यह भी सुनिश्चित करें कि पेंशन बांटने वाली एजेंसी या बैंक ने उसे स्वीकार कर लिया है। केवल फेस स्कैन सफल होने का मतलब यह नहीं है कि लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह एक्सेप्ट हो गई है।

लाइफ सर्टिफिकेट बन जाना और एक्सेप्ट होना अलग-अलग है

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट होने के बाद भी उसका स्टेटस जांचना जरूरी है। सर्टिफिकेट बनने के बाद प्रमाण आईडी और SMS अपने पास सुरक्षित रखें। जीवन प्रमाण पोर्टल पर जाकर सर्टिफिकेट की जानकारी देखें और जरूरत पड़ने पर संबंधित बैंक या पेंशन बांटने वाली एजेंसी से संपर्क करें। इससे यह पता चल सकेगा कि आपका जीवन प्रमाण पत्र सिस्टम में दर्ज हो गया है या नहीं। समय सीमा से पहले इसकी पुष्टि कर लेना बेहतर है।