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US-Iran के बीच तनाव बढ़ने से उछल गया Crude Oil, जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम

Crude Oil price Rise Today: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से सैन्य हमले किए गए। पिछले कुछ हफ्तों से 72 डॉलर पर स्थिर क्रूड के दाम में बुधवार को तेजी देखने को मिली। ब्रेट और WTI दोनों में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
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Jul 08, 2026
Crude Oil Price Hike
Curde Oil के दाम में फिर से तेजी देखने को मिली। (PC: ANI)

Petrol Diesel Price Today 8 July 2026: अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े सैन्य तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे क्रूड के दाम में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और इसके दाम 75 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गए। दरअसल अमेरिका ने ईरान पर नए सैन्य हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की रेट में कटौती होने की उम्मीद कम होती है, क्योंकि तेल के दाम फिर से बढ़ गए है। फिलहाल बुधवार को भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं।

Crude Oil की कीमतों में आई तेजी

बुधवार को ब्रेट क्रूड और अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों में तेजी देखने को मिली। सुबह 8 बजे के करीब ब्रेंट क्रूड 2.64 फीसदी चढ़कर 76.12 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, WTI क्रूड 2.75 फीसदी की बढ़त के साथ 72.38 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा।

8 जुलाई को भारत में Petrol - Diesel के दाम

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद बुधवार को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। लेकिन बेंगलुरु, हैदराबाद, पटना, जयपुर, मंबई जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बनी हुई हैं।

शहरपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली₹102.12₹95.20
कोलकाता₹113.51₹99.82
मुंबई₹111.21₹97.83
चेन्नई₹107.76₹99.55
गुरुग्राम₹102.97₹95.64
नोएडा₹101.96₹95.44
बेंगलुरु₹111.68₹99.56
भुवनेश्वर₹108.97₹100.68
चंडीगढ़₹101.54₹89.47
हैदराबाद₹115.69₹103.82
जयपुर₹113.19₹98.25
लखनऊ₹101.86₹95.36
पटना₹113.37₹99.36
तिरुवनंतपुरम₹115.49₹104.40

ईरान के तेल निर्यात पर भी सख्ती

तनाव के बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान को तेल निर्यात की अनुमति देने वाले प्रतिबंधों में छूट भी वापस ले ली है। यह फैसला दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के एक महत्वपूर्ण हिस्से को खत्म करने जैसा माना जा रहा है। इससे ईरान के वैश्विक तेल निर्यात पर असर पड़ सकता है।

तेल बाजार की दिशा पर नजर

इससे पहले गोल्डमैन सैश का मानना था कि क्षेत्रीय तनाव कम होने और उत्पादन बढ़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है। OPEC+ भी उत्पादन कटौती को धीरे-धीरे वापस लेने की योजना पर काम कर रहा था। लेकिन अब निवेशक तेल बाजार की घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Updated on:
08 Jul 2026 10:15 am
Published on:
08 Jul 2026 09:09 am