
Vedanta Aluminium के शेयर खराब प्रदर्शन कर रहे हैं। (फोटो: AI)
Vedanta Aluminium Share Fall: अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता समूह के डिमर्जर के बाद सबसे ज्यादा अहम माने जाने वाली कंपनी वेदांता एल्युमिनियम के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। 15 जून को लिस्ट हुई चार कंपनियों में सिर्फ वेदांता एल्युमिनियम का शेयर कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। लिस्टिंग के बाद यह शेयर करीब 12 फीसदी टूट चुका है, जिससे निवेशकों की 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घट गई। लेकिन फिर भी कई बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों का मानना है कि कंपनी की लॉन्ग टर्म की स्थिति मजबूत है और मौजूदा गिरावट के बावजूद शेयर में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
वेदांता एल्युमिनियम का शेयर आज 4.84 फीसदी या 22.65 रुपये की गिरावट के साथ 444.90 रुपये पर बंद हुआ। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप घटकर 1,74,051.37 करोड़ रुपये रह गया है। 15 जून को लिस्टिंग के बाद वेदांता एल्युमिनियम 527 रुपये के लिस्टिंग प्राइस से करीब 12 फीसदी नीचे आ गया है। वहीं, वेदांता पावर का शेयर अपने इश्यू प्राइस 42 रुपये से करीब 9 फीसदी चढ़ा है। वेदांता आयरन एंड स्टील 22 रुपये के मुकाबले 84 फीसदी और वेदांता ऑयल एंड गैस 39 रुपये के मुकाबले करीब 10 फीसदी ऊपर है।
| कंपनी | लिस्टिंग प्राइस | मौजूदा प्रदर्शन |
|---|---|---|
| वेदांता एल्युमिनियम | ₹527 | -12% |
| वेदांता पावर | ₹42 | +9% |
| वेदांता आयरन एंड स्टील | ₹22 | +84% |
| वेदांता ऑयल एंड गैस | ₹39 | +10% |
ब्रोकरेज फर्म इनक्रेड इक्विटीज के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के बाद एल्युमिनियम की कीमतों में नरमी आई, जिसका असर कंपनी के शेयर पर भी पड़ा। इसके अलावा ब्रोकरेज का कहना है कि एल्युमिनियम की दुनिया में पहले से बहुत बड़ी मात्रा उपलब्ध है। अब नया एल्युमिनियम बनाने से ज्यादा पुराने स्क्रैप एल्युमिनियम को रीसायकल करके इस्तेमाल किया जा सकता है।
गिरावट के बावजूद Emkay और CLSA जैसी ब्रोकरेज कंपनियों ने शेयर पर 'Buy' रेटिंग दी है। Emkay ने 550 रुपये और CLSA ने 540 रुपये टारगेट प्राइस दिया है। इनका मानना है कि मौजूदा स्तर से शेयर में लगभग 15 से 18 फीसदी तक की बढ़त संभव है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी खुद की बॉक्साइट खान, कोयला और रिफाइनरी विकसित कर रही है। इससे उत्पादन लागत कम होगी और भविष्य में मुनाफा बढ़ सकता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बिजली के ट्रांसमिशन नेटवर्क में, सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में एल्युमिनियम की मांग बनी रहेगी। वहीं, तांबे की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के कारण कई उद्योग अब सस्ते विकल्प के रूप में एल्युमिनियम की ओर बढ़ रहे हैं। इससे आने वाले समय में एल्युमिनियम की मांग को और समर्थन मिल सकता है।
Updated on:
07 Jul 2026 04:45 pm
Published on:
07 Jul 2026 04:44 pm
