
Petrol Diesel Price Today 7 July 2026: अमेरिका और ईरान के बीच हुए 60 दिनों के युद्ध विराम के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अब सप्लाई में सुधार दिख रहा है। लेकिन निवेशक अब भी इस युद्ध विराम की स्थिति पर ज्यादा भरोसा नहीं कर रहे। ऐसे में क्रूड की कीमत में हल्की बढ़ोतरी हुई, लेकिन फिर भी यह 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, भारत में क्रूड पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से E20 पेट्रोल को लागू किया गया है। लेकिन इसे लेकर पेट्रोल डीलरों और वाहन मालिकों की शिकायतें बढ़ रही है।
सुबह 8 बजे ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 68 सेंट या 0.94 फीसदी बढ़कर 72.67 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखाई दिया। जबकि, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 67 सेंट या 0.98 फीसदी बढ़कर 69.22 डॉलर प्रति बैरल हो गया। कीमतों में इस मामूली बढ़ोतरी का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। उन्होंने सोमवार को कहा था कि या तो ईरान के साथ कोई डील होगी या काम खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने मिलिट्री एक्शन की संभावना को फिर से दोहराया।
क्रूड के दामों में स्थिरता के बावजूद फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया। कीमत 25 मई के बाद न तो बढ़ी हैं न ही घटी।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| चेन्नई | ₹107.76 | ₹99.55 |
| गुरुग्राम | ₹102.97 | ₹95.64 |
| नोएडा | ₹101.96 | ₹95.44 |
| बेंगलुरु | ₹110.93 | ₹98.80 |
| भुवनेश्वर | ₹110.49 | ₹102.15 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹89.47 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | ₹103.82 |
| जयपुर | ₹113.19 | ₹98.25 |
| लखनऊ | ₹101.86 | ₹95.36 |
| पटना | ₹113.37 | ₹99.36 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.40 |
ओडिशा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शशांक शेखर साहू ने ANI से कहा कि 2026 में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से पेट्रोल पंप संचालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पहले इस तरह की शिकायतें नहीं आती थीं, लेकिन अब ग्राहक लगातार वाहन में खराबी की शिकायत लेकर पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं।
साहू के मुताबिक, कई ग्राहकों ने शिकायत की है कि उनके वाहनों के कार्बोरेटर जैसे जरूरी पार्ट्स जाम हो रहे हैं। उनका कहना है कि जिन वाहनों के लिए E20 पेट्रोल पूरी तरह अनुकूल नहीं है, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।
एसोसिएशन का कहना है कि दुनिया के अधिकांश देशों में 10 फीसदी तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का ही इस्तेमाल होता है, जबकि भारत में 20 फीसदी लागू किया गया है। उनका दावा है कि देश में अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे वाहन चल रहे हैं, जिनमें कई BS-VI मॉडल भी शामिल हैं, जो E20 के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। ऐसे में सरकार को फिलहाल E10 पेट्रोल पर लौटने पर विचार करना चाहिए।