
Petrol Diesel Price Today 30 July2026: मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई जारी रहने के कारण गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज हुई, जबकि एक दिन पहले ही तेल के दाम में जोरदार उछाल आया था। आज ब्रेंट क्रूड और WTI में करीब 1 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा तो आने वाले महीनों में तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार भी जा सकती हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। लेकिन राहत की बात यह है कि फिलहाल देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम मई के बाद से स्थिर है।
सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर ब्रेंट क्रूड 1.60 फीसदी गिरकर 89.29 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 1.34 फीसदी की गिरावट के साथ 83.32 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। इससे एक दिन पहले क्रूड के दाम में भारी उछाल देखा गया था। ब्रेंट क्रूड 7.91 फीसदी और WTI क्रूड 6.56 फीसदी तक उछल गया था।
क्रूड ऑयल के उतार-चढ़ाव का असर फिलहाल भारत के रिटेल पेट्रोल-डीजल मार्केट पर नहीं दिख रहा। कीमतों में आखिरी बार बदलाव 25 मई को किया गया था।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता | ₹113.48 | ₹99.82 |
| चेन्नई | ₹107.77 | ₹99.55 |
| गुरुग्राम | ₹102.97 | ₹95.64 |
| नोएडा | ₹102.12 | ₹95.56 |
| बेंगलुरु | ₹111.68 | ₹99.56 |
| भुवनेश्वर | ₹108.97 | ₹100.68 |
| लखनऊ | ₹101.56 | ₹95.06 |
| पटना | ₹113.53 | ₹99.54 |
| जयपुर | ₹113.97 | ₹98.96 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.40 |
अमेरिका में कॉमर्शियल क्रूड ऑयल के भंडार में मध्य-जून के बाद की सबसे तेज गिरावट दर्ज हुई है, जो बाजार में तेल की तंगी को दिखाता है। वहीं, अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार (स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व) में लगातार 18वें हफ्ते गिरावट आई और यह 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
जेपी मॉर्गन के अनुमान के मुताबिक, हर महीने सप्लाई बाधित रहने पर ब्रेंट क्रूड की कीमत में 7 से 8 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर यह बाधा तीन महीने तक बनी रहती है तो ब्रेंट का औसत भाव 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। गोल्डमैन सैश ने भी चेतावनी दी है कि होर्मुज से शिपिंग बाधित रहने पर ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर तक जा सकता है। वहीं, कोटक सिक्योरिटीज के एनालिस्ट अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, खाड़ी देशों के बड़े तेल निर्यात ठिकानों पर किसी भी हमले से कीमतें फिर से 95 से 100 डॉलर के स्तर तक जा सकती हैं।