Real Estate Market: जेएलएल रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में डेवलपर्स ने 3,093 एकड़ जमीन खरीदी, जिसका कुल मूल्य 54,818 करोड़ रुपये था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है। इस बड़े लेनदेन के बाद घर और ऑफस की कमी दूर होगी।
Real Estate Land Deals India: भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में तेज उछाल के संकेत मिल रहे हैं। साल 2025 में डेवलपर्स ने 149 सौदों के जरिए 3,093 एकड़ जमीन खरीदी, जिनकी कुल कीमत 54,818 करोड़ रुपए रही। यह पिछले साल की तुलना में 32% अधिक है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म जेएलएल के अनुसार, इतनी बड़ी जमीन खरीद आने वाले वर्षों में आवास, ऑफिस और मिश्रित परियोजनाओं की नई लहर ला सकती है। जमीन खरीद के मामले में 2026 की भी शानदार शुरुआत हुई है। मार्च तिमाही 2026 में कुल 18,000 करोड़ रुपए में बिल्डर्स ने 900 एकड़ जमीन की खरीदारी की है।
नई खरीदी गई जमीन में से 78 फीसदी भूमि पर आवास बनेंगे। इसके अलावा 17 फीसदी जमीन वेयरहाउस-फैक्ट्री के लिए अलॉट की जाएगी। इसके अलावा डेटा सेंटर और ऑफिस के लिए 2-2 फीसदी भूमि का उपयोग होगा।
| कैटेगरी | जरूरी फंड (करोड़ रुपये में) |
|---|---|
| रेजिडेंशियल | 72,000 |
| ऑफिस | 8,700 |
| डेटा सेंटर | 2,400 |
| इंडस्ट्रियल | 2,400 |
| अन्य उपयोग | 1,364 |
| होटल | 700 |
पिछले साल खरीदी गई जमीन पर करीब 22.9 करोड़ वर्गफुट निर्माण की क्षमता है। यानी अगले 2 से 5 वर्षों में 20 बड़े शहरों में नए हाउसिंग प्रोजेक्ट, दफ्तर और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स लॉन्च हो सकते हैं। शीर्ष 7 शहर निवेश परिदृश्य पर अपना वर्चस्व बनाए हुए हैं और अनुमान है कि नई खरीदी गई जमीनों पर निर्माण के लिए आवश्यक कुल पूंजी का लगभग 89% ये शीर्ष 7 शहर ही आकर्षित करेंगे।
जमीन सौदों में तेजी से देश में निर्माण गतिविधियों, रोजगार और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सप्लाई बढ़ने से देश में मकान और ऑफिस स्पेस की किल्लत नहीं होगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से लोगों को ज्यादा विकल्प के साथ सस्ते और बेहतर सौदे मिल सकते हैं। हालांकि जमीन खरीदना सिर्फ पहला कदम है। इन परियोजनाओं को जमीन से खड़ा करने के लिए 92,000 करोड़ रुपए से अधिक पूंजी की जरूरत होगी। इसमें से 52,000 करोड़ रकम बाहरी फंडिंग से आने का अनुमान है। यानी बैंकों, प्राइवेट इक्विटी फंड्स, एआइएफ के लिए बड़ा अवसर खुल सकता है।