
Destination Wedding in India: विदेश में शादी करने का सपना देखने वाले कई भारतीय परिवार अब अपना फैसला बदल रहे हैं। नतीजा यह है कि देश के बड़े होटल ग्रुप्स में शादी की बुकिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी कि वे विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग करने से बचे। देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए यह अपील की गई थी। अब इसका असर भी दिखने लगा है। भारत में होटल इंडस्ट्री का कहना है कि इस साल वेडिंग बुकिंग्स में पिछले साल के मुकाबले डबल डिजिट का उछाल देखा जा रहा है। इस साल होटल इंडस्ट्री भी वेडिंग सेगमेंट पर ज्यादा फोकस कर रही है। इंडस्ट्री का कहना है कि इस बदलाव ने उनके वेडिंग बिजनेस में नई जान फूंक दी है।
आईटीसी होटल्स के एमडी अनिल चड्ढा ने बताया है कि होटल चेन वेडिंग्स के लिए स्ट्रांग डिमांड आते देख रही है। इसमें पिछले साल के मुकाबले काफी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से गोवा, आगरा, जयपुर और उदयपुर जैसी जगहों पर चेन की प्रमुख लग्जरी वेडिंग होटल्स में डिमांड देखने को मिली है।
इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के अनुसार, गोवा स्थित उनके होटलों में शादी की बुकिंग पिछले साल के मुकाबले करीब 25 फीसदी बढ़ी है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी रंजीत फिलिपोज ने बताया कि पहले मिडिल ईस्ट के देशों में बड़ी संख्या में भारतीय डेस्टिनेशन वेडिंग होती थीं, लेकिन अब सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसका असर यह हुआ है कि लोग गोवा जैसे घरेलू विकल्पों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि अब मानसून के दौरान भी शादियां आयोजित की जा रही हैं, जो पहले कम देखने को मिलता था।
रैडिसन होटल ग्रुप भी इसी तरह का रुझान बता रहा है। कंपनी के दक्षिण एशिया प्रमुख निखिल शर्मा के मुताबिक, उनके होटल पोर्टफोलियो में वेडिंग इन्क्वायरी और बुकिंग दोनों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। गोवा, नासिक, चंडीगढ़, इंदौर और गुवाहाटी जैसे शहरों में मांग खास तौर पर मजबूत बनी हुई है। उनका कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़िया होटल सुविधाएं और अलग तरह के अनुभव लोगों को भारतीय डेस्टिनेशन चुनने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
मैरियट इंटरनेशनल के ऑटोग्राफ कलेक्शन ब्रांड के तहत संचालित नूरमहल होटल में भी वेडिंग बिजनेस पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी से अधिक आगे चल रहा है। होटल मैनेटजमेंट का कहना है कि जिन शादियों की योजना पहले विदेशों में बनाई गई थी, उनमें से कई अब भारत में आयोजित की जा रही हैं। अगस्त से ही कई तारीखों के लिए बुकिंग कन्फर्म हो चुकी हैं।
होटल कंपनियां सिर्फ बुकिंग बढ़ने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि नए प्रयोग भी कर रही हैं। फेयरमोंट जयपुर ने हाल ही में शुद्ध शाकाहारी व्यंजनों पर आधारित एक नया वेडिंग फूड कॉन्सेप्ट शुरू किया है, जिसमें जैन और मारवाड़ी परंपराओं से जुड़े खास पकवान शामिल हैं। वहीं, सरोवर होटल्स उभरते हुए शहरों में शादी से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। सरोवर होटल्स के सीईओ जतिन खन्ना के मुताबिक मेहमान पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च भी कर रहे हैं।
लीजर होटल्स ग्रुप भी वेडिंग बिजनेस को लेकर बड़ी तैयारी कर रहा है। कंपनी एक अलग वेडिंग प्लेटफॉर्म और ब्रांड पहचान विकसित कर रही है, ताकि शादी की योजना बनाने वाले परिवारों को एक ही जगह सभी सुविधाएं मिल सकें। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह रुझान और मजबूत हो सकता है।
भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग कारोबार में आए इस इजाफे के पीछे सिर्फ पीएम मोदी की अपील ही एक कारण नहीं हैं। मिडिल ईस्ट में इस समय युद्ध चल रहा है। ऐसे में डेस्टिनेशन वेडिंग का जो बिजनेस मिडिल ईस्ट को मिलना था, वो अब देश में ही आ रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लेकर बनी अनिश्चितता ने लोगों का रुख भारत की ओर मोड़ दिया है।