कारोबार

बदलते भारत पर फिदा विदेशी, रियल एस्टेट में खूब हो रहा निवेश, अब जापान से आई यह खबर

Foreign investment in Indian real estate: भारत तेजी से विकास कर रहा है और बदलते भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में विदेशी कंपनियों को भरपूर संभावनाएं नजर आ रही हैं।

2 min read
Dec 02, 2025
छत्तीसगढ़ में जमीन-मकान हुईं महंगी(photo-patrika)

Real Estate: विदेशी कंपनियों की भारत के रियल एस्टेट में दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है। जापान का सबसे बड़ा प्रॉपर्टी डेवलपर मित्सुई फुडोसन (Mitsui Fudosan) भारत के प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट्स में अपना निवेश बढ़ाने की तैयारी में है। मित्सुई के 30 से 35 बिलियन येन (करीब 17-20 अरब रुपए) निवेश करने की संभावना है।

ये भी पढ़ें

भारत तो 2030 में जी रहा, अमेरिका बहुत पीछे… इस सिस्टम को देख हैरान हुई TriFetch की CEO, कह दी बड़ी बात

जापानी कंपनियां बढ़ा रहीं निवेश

मित्सुई फुडोसन की भारत में एंट्री वर्ष 2020 में हुई थी। इस जापानी कंपनी ने बेंगलुरु में ऑफिस कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए स्थानीय डेवलपर RMZ रियल एस्टेट से मिलाया था। ET की रिपोर्ट के अनुसार, जापान की सुमितोमो रियल्टी एंड डेवलपमेंट भी भारत में बड़े निवेश को प्रतिबद्ध है। टोक्यो के बाद मुंबई को दूसरा ग्रोथ इंजन बताने वाली यह कंपनी मुंबई के पांच प्रोजेक्ट्स में 6.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी नए निवेश के लिए जल्द चालू होने वाले नवी मुंबई हवाईअड्डे के आसपास जमीन भी तलाश रही है।

अमेरिका को भी दिख रही संभावना

इसी तरह, जापान के Daibiru Corp ने भारत के दो शहरों में ऑफिस प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाया है। साथ ही कंपनी अब आवासीय बिल्डिंग और डेटा सेंटर्स बनाने पर भी विचार कर रही है। जापान की तरह अमेरिकी कंपनियों को भी भारत के रियल एस्टेट में संभावनाएं नजर आ रही हैं। यूएस की इन्वेस्टमेंट फर्म ब्लैकस्टोन ने भारत में अपने कुल निवेश का आधा रियल एस्टेट में किया है।

निवेश के लिए अच्छा मार्केट है भारत

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों में भारतीय रियल एस्टेट में कुल 4.5 अरब डॉलर का संस्थागत निवेश आया। भारत में मौजूद विदेशी डेवलपर यहां अपना निवेश बढ़ा रहे हैं। उन्हें भारत के रियल एस्टेट में संभावनाएं नजर आ रही हैं और वह कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते। दरअसल, भारत एशिया पैसेफिक के सबसे अच्छे रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट मार्केट में से एक तौर पर उभर रहा है। नए कैपिटल प्लेटफॉर्म, बढ़ती संस्थागत भागीदारी, एसेट क्लास के विस्तार ने माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है।

बदलते भारत में खूब मिलेंगे मौके

भारत तेजी से विकास कर रहा है। वह विकासशील से विकसित की दूरी को जल्द खत्म करना चाहता है। ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर के तेजी से फलने-फूलने की संभावना हमेशा बनी रहेगी। बदलते भारत में लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, इंडस्ट्रियल पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स में तेजी आना स्वाभाविक है। इसे ध्यान में रखते हुए विदेशी निवेशक भी अपना पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई कर रहे हैं। अब वह केवल रेजिडेंशियल या कमर्शियल सेगमेंट तक ही सीमित नहीं रहना चाहते।

भारत की स्थिति इसलिए है मजबूत

कोलियर्स के 2026 ग्लोबल इन्वेस्टर आउटलुक के अनुसार, एशिया पैसेफिक एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। निवेशक नए भरोसे के साथ ग्लोबल रियल एस्टेट मार्केट में फिर से लौट रहे हैं। जापान, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे मार्केट भले ही क्रॉस-बॉर्डर कैपिटल के लिए पहली पसंद बने हुए हों, लेकिन निवेशक अधिक रिटर्न और बेहतर अवसरों के लिए भारत का रुख कर रहे हैं। भारत की मजबूत होती मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी और मजबूत डेवलपमेंट पाइपलाइन ने निवेशकों को आकर्षित किया है।

ये भी पढ़ें

4 लाख रुपये महीने कमाने वाला क्यों नहीं खरीद रहा अपना ‘घर’, कैलकुलेशन से समझाया क्यों है ये नुकसान का सौदा

Published on:
02 Dec 2025 05:34 pm
Also Read
View All

अगली खबर