
AI Impact On Jobs India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सहारे काम को आसान और जल्दी करने के चलते हाल ही में कई कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटा दी थी। ऐसे में अब बहुत से लोगों को डर लग रहा है कि आने वाले समय में उनकी नौकरी भी चली जाएगी। लेकिन गोल्डमैन सैश (Goldman Sachs) की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी तरह के कामों को एआई रिप्लेस नहीं कर सकता। इस बात को समझाने के लिए रिपोर्ट में काम को लेवल 1 से लेकर 6 तक के स्तर में बांटा गया है।
गोल्डमैन सैश के आर्थिक विश्लेषक शांतनु सेनगुप्ता के अनुसार, भारत के गैर-कृषि क्षेत्र में जनरेटिव AI (Gen-AI) करीब 13 से 15 फीसदी काम ऑटोमेट कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, AI का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि काम कितना आसान या कितना जटिल है। जिन कामों में ज्यादा सोच-विचार या विशेषज्ञता की जरूरत नहीं होती, उन्हें AI आसानी से कर सकता है। लेकिन जैसे-जैसे काम की कठिनाई बढ़ती है, वहां इंसानों की भूमिका बनी रहेगी और AI केवल सहायक की तरह काम करेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में एनालिस्ट AI की मदद से शुरुआती स्तर की मॉडलिंग जैसे कुछ काम तेजी से कर सकेंगे। बैक-ऑफिस के रूटीन काम जैसे कॉम्प्लायंस की जांच करना, डेटा एंट्री करना, ये AI से बदले जा सकते हैं, क्योंकि ये आसान और दोहराए जाने वाले काम हैं। कृषि के बाद बचे कुल रोजगार में इस सेक्टर की करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी है।
रिटेल कारोबार में AI का सबसे ज्यादा असर कैशियर की नौकरी पर पड़ने की संभावना है, इसे लेवल 1 की कैटेगरी में रखा गया है। क्योंकि सेल्फ-चेकआउट जैसी तकनीकें पहले से इस्तेमाल हो रही हैं। वहीं, रिलेट सेक्टर में ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सेल्स स्टाफ की नौकरी पर खतरा कम है क्योंकि यहां AI सिर्फ मदद कर सकता है। इसे लेवल 2 से 4 के बीच रखा गया है। कृषि के बाद बचे कुल रोजगार में रिटेल सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है, इसलिए इस क्षेत्र पर AI का असर काफी अहम माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र में AI डॉक्टर्स की जगह नहीं लेगा। डॉक्टर इसका इस्तेमाल बीमारी की पहचान और इलाज की योजना बनाने जैसे जटिल कामों में कर सकेंगे। इसलिए इसे लेवल 6 पर रखा गया है। हालांकि, मरीजों की अपॉइंटमेंट तय करने जैसे एडमिनिस्ट्रेटिव काम AI के जरिए आसानी से किए जा सकते हैं, इसे लेवल 2 की कैटेगरी में रखा गया है। कृषि के बाद बचे कुल रोजगार में इस सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 3 फीसदी है।
रिपोर्ट में शिक्षा के क्षेत्र पर भी मिले-जुले असर की बात कही गई है। शिक्षा क्षेत्र में AI शिक्षकों और ट्यूटर्स को व्यक्तिगत जरूरत के हिसाब से पढ़ाई कराने में मदद करेगा। इसे लेवल 3 और 4 की कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, बहुविकल्पीय प्रश्नों की जांच और तय जवाब वाले टेस्ट की कॉपियां जांचने जैसे दोहराए जाने वाले काम AI आसानी से कर सकता है। इसे लेवल 1 में रखा गया है। कृषि के बाद बचे कुल रोजगार में एजुकेशन सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 6 फीसदी है।