
Health Insurance Buying Tips: एक एक्सीडेंट, अचानक सर्जरी या गंभीर बीमारी कई सालों की बचत को चंद दिनों में खत्म कर सकती है। यही वजह है कि हेल्थ इंश्योरेंस अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। यह परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच माना जाता है। लेकिन यहां एक गलती लोग अक्सर कर बैठते हैं। वे अलग-अलग कंपनियों के ऑफर देखते हैं और सिर्फ सबसे कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी खरीद लेते हैं। बाद में जब क्लेम की जरूरत पड़ती है, तब पता चलता है कि कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उस पॉलिसी में शामिल ही नहीं थीं। असल सवाल यह नहीं है कि प्रीमियम कितना है। असली सवाल यह है कि जरूरत पड़ने पर पॉलिसी आपके कितनी काम आएगी।
यह बताता है कि कंपनी अपने ग्राहकों के कितने क्लेम पूरे करती है। जितना बेहतर रिकॉर्ड होगा, जरूरत के समय क्लेम मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।
अगर कंपनी के पास बड़ा नेटवर्क है तो कैशलेस इलाज की सुविधा आसानी से मिल सकती है। इससे इलाज के दौरान बड़ी रकम जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती।
कई पॉलिसियों में अस्पताल के कमरे के किराए पर लिमिट तय होती है। अगर आप महंगा कमरा चुनते हैं, तो इलाज का बाकी खर्च भी आपकी जेब से जा सकता है।
पहले से मौजूद बीमारियों और कुछ विशेष रोगों का कवर तुरंत शुरू नहीं होता। इसके लिए एक तय वेटिंग पीरियड होता है। पॉलिसी खरीदने से पहले इसे जरूर समझ लें।
आज के दौर में इलाज का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बहुत कम कवरेज भविष्य में परेशानी पैदा कर सकता है।
क्लेम के समय अच्छा कस्टमर सपोर्ट बहुत मायने रखता है। बेहतर सपोर्ट तनाव कम करता है और प्रक्रिया आसान बनाता है।