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Money Habits: राशन पर नहीं, अब मोबाइल, OTT और ट्रैवल पर ज्यादा खर्च कर रहे लोग, बदल गई लोगों की पैसों से जुड़ी आदतें

Personal Finance: भारत में अब लोग अनाज के मुकाबले लाइफस्टाइल और मनोरंजन पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। Kotak Mutual Fund की रिपोर्ट The Great Consumption Shift में इस बात की जानकारी मिली है।

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May 25, 2026
Money Habits: लोग जरूरी खर्च से ज्यादा Lifestyle पर खर्च बढ़ा रहे हैं। (PC: AI)

India consumption change: भारत में लोगों के खर्च करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले घरेलू बजट का बड़ा हिस्सा राशन, अनाज और जरूरी सामान पर खर्च होता था। वहीं, अब मोबाइल डेटा, OTT सब्सक्रिप्शन, प्रीमियम स्मार्टफोन, कॉन्सर्ट और विदेश यात्रा जैसी चीजों में लोग ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

Kotak Mutual Fund की रिपोर्ट The Great Consumption Shift के मुताबिक भारतीयों का वॉलेट अब अनाज से हटकर डेटा, OTT और मोबाइल की तरफ शिफ्ट हो चुका है। रिपोर्ट बताती है कि बढ़ती आय और डिजिटल लाइफस्टाइल के कारण खर्च करने के तरीके में कैसे बदलाव आ रहा है।

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22% से 5% पहुंचा अनाज का खर्च

रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण भारत में अनाज पर खर्च का हिस्सा 1999-2000 के 22 फीसदी से घटकर 2022-23 में सिर्फ 5 फीसदी रह गया। वहीं, शहरी भारत में यह हिस्सा 12 फीसदी से घटकर 4 फीसदी तक आ गया। इसके उलट मोबाइल, किराया, शिक्षा, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अब शहरी खर्च के बड़े हिस्से बन चुके हैं।

विदेश घूमने के ट्रेंड ने पकड़ी रफ्तार

भारतीयों में विदेश घूमने का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में फरवरी तक विदेश यात्रा पर भारतीयों का खर्च करीब 1.45 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पिछले आठ साल में लगभग 450 फीसदी बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह रकम देश के पूरे बिल्डिंग मटीरियल सेक्टर (जिसमें प्लाईवुड, टाइल्स, पाइप और लैमिनेट शामिल हैं) के कुल आकार से भी बड़ी है।

ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन तक मनोरंजन में कर रहे खर्च

डिजिटल एंटरटेनमेंट भी तेजी से बढ़ रहा है। OTT प्लेटफॉर्म्स के पेड सब्सक्राइबर वित्त वर्ष 2019 से 2026 के बीच 40 फीसदी की सालाना दर से बढ़े हैं। वहीं, 30,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले प्रीमियम फोन का मार्केट शेयर 2020 से 2025 के बीच 20 प्रतिशत से बढ़कर 26 प्रतिशत हो गया। रिपोर्ट में कहा गया कि Apple India का FY26 में Hindustan Unilever Ltd (HUL) के मुकाबले लगभग दोगुना रेवेन्यू कमाने का अनुमान है।

वहीं, अगर ऑफलाइन मनोरंजन की बात करें तो लोगों में अब गोइंग आउट कल्चर का भी क्रेज बढ़ा है। कॉन्सर्ट, लाइव शो और बड़े इवेंट्स का बाजार तेजी से बढ़ा है। 2022 में देश में 19 हजार टिकटेड लाइव इवेंट हुए थे, जो 2025 तक बढ़कर 34 हजार हो गए।

रिपोर्ट में सामने आई चिंताजनक बात

रिपोर्ट ने एक बड़ी चिंता भी जताई है। बढ़ती लाइफस्टाइल खर्च के बीच EMI का बोझ तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की बचत घट रही है। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2022 से 2025 के बीच रिटेल निवेशकों को F&O ट्रेडिंग में करीब 2.87 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं, पिछले छह साल में डिजिटल फ्रॉड से लगभग 53 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में खर्च का नया दौर शुरु हो चुका है। जहां जरूरत के सामान से ज्यादा लाइफस्टाइल और डिजिटल चीजों पर ज्यादा खर्च किया जा रहा है।

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Published on:
25 May 2026 10:52 am
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