
Best Stocks 2026: शेयर बाजार में इस साल भले ही बड़ी कंपनियों के शेयर उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाए हों, लेकिन स्मॉलकैप और मिडकैप के कुछ चुनिंदा शेयरों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया। जहां निफ्टी-50 साल की शुरुआत से अब तक गिरावट में रहा, वहीं 10 कंपनियों के शेयरों ने 200% से लेकर 500% से ज्यादा तक का रिटर्न देकर सबको चौंका दिया। वैश्विक स्तर पर टैरिफ को लेकर अनिश्चितता, मिडिल ईस्ट में तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे वैल्यूएशन ने इस साल बड़े शेयरों पर दबाव बनाए रखा। इसके बावजूद कुछ कंपनियों ने मजबूत नतीजों, नए ऑर्डर, कैपेसिटी बढ़ाने के उपायों और बेहतर मुनाफे के दम पर निवेशकों का भरोसा जीत लिया।
अगर किसी निवेशक ने साल की शुरुआत में इन 10 शेयरों में 1-1 लाख रुपये लगाए होते, तो 4 अगस्त तक हर निवेश की कीमत 3 लाख रुपये से ज्यादा होती। सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले शेयर में यही रकम बढ़कर 6 लाख रुपये से भी ऊपर पहुंच गई होती।
साल 2026 में 4 अगस्त तक सबसे ज्यादा तेजी Sanginita Chemicals के शेयर में देखने को मिली। इसने 514.3% का रिटर्न दिया। इसके बाद Sterlite Technologies ने 485.7% का रिटर्न दिया। इसके अलावा Excellent Wires and Packaging में 386.4%, Viji Finance में 308.1%, Sigma Advanced Systems में 265.2%, United Foodbrands में 247.5%, Bikewo Green Tech में 217.3%, Dee Development Engineers में 213.8%, Yasho Industries में 206.8% और Prizor Viztech में 206.7% की तेजी दर्ज की गई।
इन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई सकारात्मक संकेतों का नतीजा रही। बेहतर तिमाही नतीजे, उत्पादन क्षमता का विस्तार, नए ऑर्डर, बढ़ता मुनाफा और स्मॉलकैप-मिडकैप कंपनियों में लौटती निवेशकों की दिलचस्पी ने इन शेयरों को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। डिफेंस और एयरोस्पेस, स्पेशियलिटी केमिकल्स और ग्रीन मोबिलिटी जैसे सेक्टरों से जुड़ी कंपनियों को भी इस दौरान अच्छा फायदा मिला।
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अब तक का सबसे अधिक 1,910 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी का EBITDA बढ़कर 397 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 184% ज्यादा है। कंपनी का शुद्ध लाभ भी जबरदस्त बढ़ा। जून 2026 तिमाही में यह 197 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में सिर्फ 10 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
विजी फाइनेंस ने जून तिमाही में 1.14 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 33 लाख रुपये का घाटा हुआ था। यूनाइटेड फूडब्रांड्स भी नुकसान से बाहर निकल आई। कंपनी ने पहली तिमाही में 3.09 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जबकि एक साल पहले 16.41 करोड़ रुपये का घाटा था। वहीं, डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 22.3% बढ़कर 16.15 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी की ग्रॉस सेल्स करीब 32% बढ़कर 294.46 करोड़ रुपये हो गई। 30 जून 2026 तक उसका ऑर्डर बुक 2,428 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में 92.5% ज्यादा है। यशो इंडस्ट्रीज ने भी अच्छा परफॉर्म किया। कंपनी का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में बढ़कर 36.05 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह केवल 3.65 करोड़ रुपये था।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने 5 अगस्त को रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल केंद्रीय बैंक आर्थिक वृद्धि और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर कायम है। वेंचुरा के रिसर्च प्रमुख विनीत बोलिंजकर का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती दिखा रही है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव, वैश्विक व्यापार में रुकावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों जैसे जोखिमों पर आरबीआई की नजर बनी हुई है। उनके मुताबिक बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे ब्याज दर से जुड़े सेक्टर्स के लिए पॉलिसी में स्थिरता सकारात्मक संकेत है। बेहतर लिक्विडिटी और त्योहारी सीजन भी डिमांड को सपोर्ट दे सकते हैं।
PL कैपिटल की प्रमुख अर्थशास्त्री प्राची केले का कहना है कि व्यापार घाटे का दबाव जरूर बना हुआ है, लेकिन घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत है। जुलाई में मानसून की वापसी, खरीफ बुवाई में सुधार, सर्विस सेक्टर से बढ़ती इनकम, अच्छे एफडीआई निवेश और विदेशों से आने वाले धन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)