
Muthoot Finance Share Expert View: सोमवार को शेयर बाजार के तेजी भरे माहौल के बीच देश की सबसे बड़ी गोल्ड लोन कंपनी मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर 11 फीसदी तक टूटकर 2,771 रुपये पर आ गए। हालांकि, कंपनी का मुनाफा और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़ा है, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ने और बढ़ते कॉम्पटीशन के कारण ब्रोकरेज हाउस मार्जिन पर दबाव की आशंका जता रहे हैं। यही वजह रही कि निवेशकों ने शेयर में बिकवाली की।
कंपनी की स्टैंडअलोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में सालाना आधार पर 43 फीसदी और तिमाही आधार पर 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, कंसोलिडेटेड AUM भी सालाना 43 फीसदी और तिमाही 5 फीसदी बढ़ा। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 2,550 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 25 फीसदी ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी कम है। खास बात यह है कि पिछली आठ तिमाहियों से कंपनी सोने की कीमतों में तेजी के दम पर अच्छी ग्रोथ दिखा रही थी, लेकिन अब यह रफ्तार धीमी पड़ गई है।
NSE पर कंपनी के शेयर में बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई। यह करीब 11.17 फीसदी या 348.40 रुपये की गिरावट के साथ यह 2,771 रुपये पर पहुंच गया। इस शेयर ने पिछले 1 हफ्ते में अब तक -4.70 फीसदी, 1 महीने में -5.60 फीसदी और 1 साल में 11.23 फीसदी का रिटर्न दिया है।
एसबीआई सिक्योरिटीज (SBI Securities) के सुदीप शाह के मुताबिक, नतीजों के बाद शेयर गिरकर 2,771 रुपए तक पहुंचा, लेकिन बाद में निचले स्तर पर खरीदारी आने से इसमें रिकवरी देखने को मिली। उनके अनुसार शेयर के लिए 2,930-2,950 रुपए के स्तर पर रुकावट है, जबकि 2,820-2,800 रुपए के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है। अगर शेयर 2,950 रुपए के ऊपर टिककर बंद होता है, तभी आगे तेजी की उम्मीद बन सकती है।
मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर Neutral रेटिंग बरकरार रखते हुए 2,850 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि गोल्ड लोन बाजार में बढ़ते कॉम्पटीशन के कारण कंपनी को ग्राहकों को बनाए रखने के लिए ब्याज दरें घटानी पड़ रही हैं। इससे मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में स्टैंडअलोन गोल्ड लोन में 22 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, लेकिन मुनाफा केवल 4-5 फीसदी बढ़ सकता है।
नुवामा ने शेयर पर Reduce रेटिंग बनाए रखते हुए 3,300 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कम ब्याज दरों से ग्राहक तो बढ़ रहे हैं, लेकिन मार्जिन पर दबाव बना रहेगा। उसका अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM करीब 25 फीसदी बढ़ेगा, जबकि वित्त वर्ष 2028 में यह बढ़ोतरी घटकर 12 फीसदी रह सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)